किसान आंदोलन के समर्थन में वाम – धर्मनिरपेक्ष दलों का प्रेस कॉन्फ्रेंस।
मो०अरबाज / चंदवा
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!किसानों के द्वारा जन विरोधी कृषि विधेयक को वापस लेने की मांग पर किए जा रहे आंदोलन के समर्थन में आज चंदवा के पथ निर्माण विभाग के डाक बंगला परिसर में झारखंड मुक्ति मोर्चा,भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी तथा झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा की एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई, उक्त कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के अनुसार अगर इस कृषि कानून में खामी नहीं है तो भाजपा इसमें संशोधन करने का आश्वासन किसानों को क्यों दे रही है, जिस तरह अंग्रेजी सरकार के खिलाफ स्वतंत्रता सेनानियों का आंदोलन होता था, जिस तरह अंग्रेजो के खिलाफ गांधी जी ने असहयोग आंदोलन की शुरुआत की थी ठीक उसी तर्ज पर किसानों के इस आंदोलन ने देशभर के लोगों का समर्थन जुटाकर यह साबित कर दिया है कि यह जनविरोधी भारतीय जनता पार्टी के निरंकुश एवं फासीवादी शासन के खिलाफ एक जन विद्रोह है।
जिस तरह अंग्रेजी सरकार भारतीयों के आंदोलन को तोड़ने के लिए फूट डालने और उसे राष्ट्र विरोधी करार देने का काम करती थी ठीक उसी तर्ज पर भारतीय जनता पार्टी इस आंदोलन से घबराकर आंदोलन को तोड़ने के लिए छद्म किसान संगठनों से झूठा समर्थन करवा कर और अपनी पार्टी का इस्तेमाल करके इस किसान आंदोलन को राष्ट्र विरोधी साबित करने का नाकाम प्रयास कर आंदोलन की धार को कुंद करने तथा जनता को बरगलाने का प्रयास कर रही है ,जो कभी सफल होने वाला नहीं है, जन विरोधी भारतीय जनता पार्टी का असली चेहरा अब किसानों और देशवासियों के सामने उजागर हो चुका है, अब देश को अडानी और अंबानी के हाथों में बेचने की साजिश का खुलासा हो चुका है, जनता जाग चुकी है, अब लोग भारतीय जनता पार्टी के बहकावे या झांसे में आने वाले नहीं हैं, किसान आंदोलन को तोड़ने या दमन करने की किसी भी तरह की साजिश अब सफल होने वाली नहीं है, हर हालत में भारतीय जनता पार्टी को देश बेचने की साजिश करने वाले तमाम जन विरोधी कानूनों को वापस लेना होगा अन्यथा जनता पूरे देश में इसी तरह से इनके खिलाफ खड़ी होकर आंदोलन करेगी, जिसे रोकना भारतीय जनता पार्टी के बस की बात नहीं होगी, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में झामुमो जिला प्रवक्ता दीपू कुमार सिन्हा, कॉग्रेस प्रखंड अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि असगर खान, माकपा के पूर्व जिला सचिव अयुब खान, झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के सचिव जितेन्द्र सिंह, बसपा के प्रदेश सचिव अनिल कुमार उरांव, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश कुमार उरांव, कॉग्रेस सेवा दल जिला अध्यक्ष बाबर खान, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुरेश गंझु, झामुमो नेता हरि कुमार भगत, इजहार मियां, विक्की खान, मो0 कलाम आजाद समेत कई लोग शामिल थे।

















