लायाडीह में पत्थर खदानों के खिलाफ ग्रामीणों का मोर्चा, उपायुक्त से बंद कराने की मांग
स्कूल के पास खनन से बच्चों की सुरक्षा पर जताई चिंता, आठ ग्रामीणों को रंगदारी के मामले में फंसाने का आरोप
जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के कमलपुर थाना क्षेत्र के आदिवासी बहुल लायाडीह गांव में संचालित पत्थर खदानों को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। शनिवार को डेमका सोय के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर खदानों के संचालन की जांच कराने, नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई करने और खदानों को बंद कराने की मांग की। ग्रामीणों ने खदान संचालकों पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

स्कूल के पास खदान, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, लायाडीह गांव में करीब 110 परिवार रहते हैं। गांव में एकमात्र प्राथमिक विद्यालय है, जिसके आसपास पत्थर खदानों का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि इनमें से एक खदान विद्यालय से महज 100 फीट की दूरी पर है। उनका कहना है कि खनन गतिविधियों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से खदान की दूरी, संचालन की अनुमति और सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है।

शिकायत के बाद आठ ग्रामीणों पर रंगदारी का मामला दर्ज होने का आरोप
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खदानों के संचालन और जमीन से संबंधित अनियमितताओं को लेकर पहले भी उपायुक्त से लिखित शिकायत की गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि शिकायत के बाद गांव के आठ लोगों के खिलाफ रंगदारी मांगने का मामला दर्ज कराया गया। इसकी जानकारी उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से मिली। ग्रामीणों ने खुद को साधारण किसान और मजदूर बताते हुए रंगदारी मांगने के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खदान संचालकों की ओर से गांव की महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है। हालांकि, रंगदारी के मामले और महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का जवाब भी सामने आना बाकी है।

जमीन के दस्तावेज और खनन से बने गड्ढों की जांच की मांग
ग्रामीणों ने खदान के लिए इस्तेमाल की जा रही जमीन के खाता और प्लॉट नंबर में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए राजस्व अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में नवीन कुमार सिंह और सोनू सिंह को संबंधित खदानों का संचालक बताते हुए मामले की जांच और उचित कानूनी कार्रवाई की अपील की गई है। ग्रामीणों ने खनन के कारण बने बड़े-बड़े गड्ढों को भरने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि खुले गड्ढों से ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

ग्रामसभा के फैसले और पेसा कानून के अनुपालन का मुद्दा
ग्रामीणों का दावा है कि विशेष ग्रामसभा में गांव की सभी पत्थर खदानों को बंद करने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद खदानों का संचालन जारी रहने का आरोप लगाते हुए उन्होंने ग्रामसभा के निर्णय और अधिकारों की अनदेखी किए जाने का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने पेसा अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन की मांग करते हुए उपायुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई करने की अपील की है। अब इस मामले में प्रशासन की जांच और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर है।

जमशेदपुर में युवक की मौत: पत्नी ने सास और जेठ पर लगाया आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप, 8 साल पहले किया था प्रेम विवाह
जमशेदपुर: सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के बागुनहातु रोड नंबर एक में 28 वर्षीय आकाश साहू की फांसी लगाने के बाद मौत हो गई।…

चांडिल थाना से महज 500 मीटर दूर व्यवसायी के घर डकैती, लाखों के जेवर और नकदी ले उड़े बदमाश
चांडिल में सात-आठ हथियारबंद नकाबपोश अपराधियों ने दिया वारदात को अंजाम, परिवार को बनाया बंधक चांडिल। सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल मुख्य बाजार…

















