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अपराध नियंत्रण के लिए बोकारो पुलिस को मिलीं 53 नई बाइक, GPS से होगी गश्त की निगरानी

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सायरनयुक्त मोटरसाइकिलों से संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों तक पहुंचेगी पुलिस; गश्ती जवानों के मोबाइल नंबर भी होंगे सार्वजनिक

बोकारो। जिले में अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बोकारो पुलिस की गश्त व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय से मिलीं 53 जीपीएस और सायरनयुक्त मोटरसाइकिलों का पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न थानों के बीच वितरण किया। इन मोटरसाइकिलों के जरिए पुलिस की गश्त को अधिक प्रभावी बनाने के साथ ही जवानों की आवाजाही पर भी नजर रखी जाएगी।
नई मोटरसाइकिलों के मिलने से पुलिसकर्मियों को संकरी गलियों, बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों तक पहुंचने में सहूलियत होगी। आपात स्थिति में घटनास्थल पर तेजी से पहुंचने और तत्काल कार्रवाई करने में भी इनका इस्तेमाल किया जाएगा। जीपीएस के माध्यम से मोटरसाइकिलों की लोकेशन और मूवमेंट की निगरानी वरीय पुलिस अधिकारी करेंगे।

दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा में मिलेगी मदद

दुर्गापूजा के दौरान पंडालों और बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए मोटरसाइकिलों की उपयोगिता और बढ़ जाएगी। इनकी मदद से पुलिसकर्मी पूजा पंडालों, प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नियमित गश्त कर सकेंगे। किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी।

गश्ती जवानों के मोबाइल नंबर होंगे सार्वजनिक

पुलिस प्रशासन ने गश्त करने वाले जवानों को अपने मोबाइल नंबर स्थानीय समूहों और मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य आम लोगों और पुलिस के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि, अपराध या आपात स्थिति की जानकारी मिलने पर नागरिक संबंधित गश्ती दल से तुरंत संपर्क कर सकें।

पहले भी दिए जा चुके हैं 103 बाइक और 78 बोलेरो

पुलिस प्रशासन के अनुसार, इससे पहले जिले के विभिन्न थानों को 103 मोटरसाइकिलें और 78 बोलेरो वाहन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। अब 53 अतिरिक्त मोटरसाइकिलें मिलने से पुलिस के पास गश्त के लिए उपलब्ध संसाधनों में और वृद्धि हुई है। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पदाधिकारियों को इन मोटरसाइकिलों का नियमित गश्त, अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा के लिए प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अब इन संसाधनों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है, यह पुलिस की गश्त की नियमितता और आपात स्थितियों में कार्रवाई की गति से स्पष्ट होगा।

 

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