सब्जी विक्रेता ने शुरू की निजी वृद्धा पेंशन योजना एक बुजुर्ग को 2 हजार और बेसहारा महिला को 1 हजार रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा: राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर समाजसेवी सह सब्जी व्यवसायी भरत प्रसाद ने बुजुर्गों के सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में अनूठी पहल करते हुए निजी स्तर पर वृद्धा पेंशन योजना की शुरुआत की। इसके तहत उन्होंने अपने पुराने सहयोगी बुजुर्ग कर्मी जवाबल लाल उर्फ राय जी को आजीवन 2 हजार रुपये प्रतिमाह तथा बाजार में लहसुन-प्याज बेचकर गुजर-बसर करने वाली एक बेसहारा बुजुर्ग महिला मंजू देवी को 1 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देने की घोषणा की।
भरत प्रसाद के अनुसार, बीकेएन कंपनी की दुकान में 15 वर्षों से अधिक समय तक निष्ठापूर्वक सेवा देने वाले जवाबल लाल उर्फ राय जी को उम्रभर नियमित पेंशन दी जाएगी। वहीं, आर्थिक रूप से असहाय मंजू देवी को भी आजीवन प्रतिमाह 1 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद एसडीपीओ धर्मदेव पासवान ने दोनों बुजुर्गों को भरत प्रसाद की ओर से पांच-पांच महीने की अग्रिम पेंशन राशि सौंपी। जवाबल लाल को 10 हजार रुपये और मंजू देवी को 5 हजार रुपये की राशि दी गई।

एसडीपीओ धर्मदेव पासवान ने भरत प्रसाद की पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक छोटे कारोबारी द्वारा बुजुर्गों के प्रति इस तरह की संवेदनशील जिम्मेदारी निभाना पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि यह महज आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बुजुर्गों के आत्मसम्मान और सम्मानजनक जीवन की गारंटी देने की कोशिश है।
मौके पर भरत प्रसाद ने बताया कि उनका सपना बेसहारा बुजुर्गों और अनाथ बच्चों के लिए ‘सीता मइया वृद्धा आश्रम’ का निर्माण करना है। इसके लिए उन्होंने साढ़े छह एकड़ जमीन खरीदी है। प्रस्तावित आश्रम में बुजुर्गों के लिए अस्पताल, पार्क, बगीचा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ बच्चों के लिए स्कूल की व्यवस्था करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि उनकी दुकान में 15 वर्ष से अधिक समय तक सेवा देने वाले बुजुर्ग कर्मियों को उम्र ढलने पर जीवनभर नियमित पेंशन दी जाएगी, ताकि उन्हें बुढ़ापे में किसी पर निर्भर न रहना पड़े। इसके अलावा जो कर्मी 25 वर्षों तक उनकी दुकान में सेवा देगा, उसे परिवार के सदस्य की तरह डेढ़ से दो डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने और मकान बनाकर देने की भी घोषणा की।
भरत प्रसाद ने बताया कि दोनों बुजुर्गों को दी गई अग्रिम राशि आपातकालीन सहायता के तौर पर है। यदि किसी माह किसी कारणवश पेंशन का भुगतान नहीं हो पाता है, तो वे इस अग्रिम राशि का इस्तेमाल अपने निजी कार्यों के लिए कर सकेंगे।

















