हजारीबाग की सड़कों पर बहा बीयर (beer)का 'समंदर', बुलडोजर चलाकर नष्ट की गईं 3600 पेटियां; जानें क्या है पूरा मामला

हजारीबाग की सड़कों पर बहा बीयर (beer)का ‘समंदर’, बुलडोजर चलाकर नष्ट की गईं 3600 पेटियां; जानें क्या है पूरा मामला

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हजारीबाग की सड़कों पर बहा बीयर (beer) का ‘समंदर’, बुलडोजर चलाकर नष्ट की गईं 3600 पेटियां; जानें क्या है पूरा मामला

हजारीबाग की सड़कों पर बहा बीयर (beer)का 'समंदर', बुलडोजर चलाकर नष्ट की गईं 3600 पेटियां; जानें क्या है पूरा मामला

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले से एक हैरान कर देने वाला नजारा सामने आया है, जहां सड़कों पर पानी की जगह हजारों लीटर बीयर बहती नजर आई। उत्पाद विभाग ने चान्हो क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक्सपायरी बीयर के विशाल स्टॉक को नष्ट कर दिया। देखते ही देखते सड़क पर बीयर का ‘समंदर’ उमड़ पड़ा, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

रोलर और बुलडोजर से कुचली गईं बोतलें

मिली जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग की टीम ने लगभग 3,600 पेटी एक्सपायरी बीयर  को नष्ट करने का निर्णय लिया था। विभाग के वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में इन पेटियों पर रोलर और बुलडोजर चलवा दिया गया। जैसे ही कांच की बोतलें और कैन टूटे, उनमें भरी बीयर सड़कों पर फैल गई और धीरे-धीरे मिट्टी में समा गई।

क्यों आई ऐसी नौबत?

अक्सर कंपनियां बाजार में मांग (Demand) का अनुमान लगाकर भारी मात्रा में उत्पादन कर लेती हैं। हजारीबाग के इस मामले में भी फैक्ट्री में तैयार की गई बीयर बाजार में उतनी नहीं बिक सकी जितनी उम्मीद थी।
समय सीमा: बीयर के स्टॉक को 6 महीने से अधिक समय तक गोदाम में रखा गया था।
नियम – शराब या बीयर की एक्सपायरी डेट निकलने के बाद उसे बाजार में बेचना गैरकानूनी और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, इसलिए इसे नष्ट करना अनिवार्य प्रक्रिया है।

अधिकारियों का क्या कहना है?

उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त  सुनील कुमार चौधरी  ने बताया कि कई बार कंपनियां अधिक उत्पादन कर लेती हैं, लेकिन बाजार में मांग कम होने के कारण स्टॉक एक्सपायर हो जाता है। नियमों के तहत ऐसे स्टॉक को विभाग की निगरानी में नष्ट करना पड़ता है ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके।

बाजार के गणित पर सवाल

यह घटना न केवल संसाधन की बर्बादी को दर्शाती है, बल्कि उत्पादन और बाजार की मांग के बीच बड़े असंतुलन को भी उजागर करती है। जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में स्टॉक का खराब होना कंपनियों के लिए बड़ा वित्तीय नुकसान है।

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