लाकडाउन के बाद कोयला तस्करी की तादाद बढी है.

लाकडाउन के बाद कोयला तस्करी की तादाद बढी है.

मैकलुस्कीगंज : खलारी मे लाकडाउन के बाद कोयला तस्करी की तादाद बढी है। खलारी में इन दिनों कोयला कारोबारियो द्वारा बंद पड़े कोयला खदानों को खोद कर कोयला कारोबारियो कोयले की तरस्करी कर रहे हैं। खलारी थाना के महज कुछ ही दूरी पर कोयले का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। बल्कि थाना के अगल बगल के गावों में स्टाक बनाया जा रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार महुआ धौडा, केडी नया धौडा, जेहली टांड, जामुन दोहर में कोयला इकट्ठा महिलाओं एवं स्कूली बच्चों के द्वारा निकाल कर घर के बाहर इकट्ठा किया जाता है। इसके बाद मोटर साइकिल साइकिल के माध्यम से एक जगह इकट्ठा कर चीनी के बडे बडे बोरों में भर कर सब अपने अपने घरो के आगें इकट्ठा करके रखते हैं और रोज शाम होते ही कोयला कारोबारियो के द्वारा टैम्पू से खलारी मुख्य मार्ग से होते हुए बीजू पाडा चान्हो तक के भट्टा तथा छोटे स्तर पर चलाए जा रहे हैं फैक्टरी में कोयला सप्लाई किया जाता है। सूत्रों ने यह भी कहा कि सभी गांवों में दो से तीन व्यक्ति मुखिया है जिनकी निसानदेही के अनुसार रात में टैम्पू भेज कर कोयले से भरा हुआ बोरा टैम्पू में लोड कर दिया जाता है और इसके बाद टैम्पू को एक एक कर मुख्य मार्ग से निकाल बीजू पाडा चान्हो ले जा कर मोटे पैसै की वासूली की जाती हैं। साथ हीं खलारी के कई भट्ठो में भी कोयला कारोबारियो और मोटरसाइकिल एवं साईकिल के माध्यम से कोयला दिया जाता है।

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लाकडाउन के बाद कोयला तस्करी की तादाद बढी है.

सूत्र बताते हैं कि कोयले की अबैध खुदाई दिन के साथ साथ रात में भी जारी रहता है कोयला निकालने वाले अपने सर पर टार्च बाँध कर अन्डर ग्राउन्ड धुस कर कोयले खोदते है । तथा बाहर निकल कर मोटर साईकिल और साइकिल से ढोकर घर के पास बोरों में भर कर हर घर के सामने कोयले का स्टाक किया जाता हैं। मालूम हो कि सौ से अधिक मजदूर बूढे, बच्चे,एवं महिलाएं इनमें शामिल हैं। सूत्रों के जानकारी के अनुसार प्रति दिन इस कोयले की तरस्करी में पच्चीस साइकिलें तो पच्चास मोटर साईकिल भी इस कोयले की तरस्करी को करने के लिए प्रति दिन लगाए जाते हैं।

लाकडाउन के बाद कोयला तस्करी की तादाद बढी है.

सूत्रों के अनुसार अंधेरा होते ही कोयला तरस्करो का टैम्पो कोयला तरस्करी के लिए जुगत लगाने लगती है। करकट्टा, जेहली टांड, जामुन दोहर, केडी नया धौडा, महुआ धौडा तक प्रति दिन 30 से 40 टैम्पू इस कारोबार में लगे रहते हैं । इनके द्वारा थाना के कुछ अधिकारीयों को भी पैसे दिए जाते हैं । कोयला तरस्करो के इस खेल में चामा पिकेट, चान्हो थाना,खलारी थाना के कुछ लोगों के द्वारा प्रति टैम्पू पैसे की उगाही की जाती है। शाम 6 बजे से कोयले की ढुलाई शुरू हो जाता है जो सुबह 6 बजे तक चलता रहता है। खलारी रेलवे क्रॉसिंग के नीचे तथा पान की दुकान से पैसा उगाही का अड्डा बना हुआ है। इन कोयला कारोबारियो का मन इतना बढ गया कि ये किसी से कुछ भी पूछो तो धमकी तक दे डालते हैं।

खलारी, मो मुमताज़

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