Major crackdown by CID; 5 arrested, including Deputy Controller of Examinations.

JPSC में भ्रष्टाचार ..कई कोचिंग संस्थान को खंगाल रही CID

रांची: 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही है। इसी कड़ी में सोमवार को अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने झारखंड और बिहार के कई जिलों में एक साथ बड़े पैमाने पर छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के तहत 20 से अधिक स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

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Deoghar
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार CID की टीम ने रांची, धनबाद, हजारीबाग और पलामू के अलावा बिहार के कई ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी। जांच के दायरे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कुछ कोचिंग संस्थानों और उनसे जुड़े लोगों को भी शामिल किया गया है। जांच एजेंसी ने Shivangan Ki Pathshala और Patanjali IAS Teacher से जुड़े परिसरों पर भी तलाशी ली और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की।

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रांची के नामकुम और धुर्वा में भी कार्रवाई

राजधानी रांची के नामकुम और धुर्वा इलाके में भी CID की टीम सुबह से सक्रिय रही। नामकुम स्थित आदित्य पांडेय के आवास पर अधिकारियों ने कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया। टीम ने वहां मौजूद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की भी जांच की।

पलामू में शिक्षक की तलाश, मोबाइल बंद

पलामू जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग चलाने वाले शिक्षक रवि के घर पर भी CID पहुंची। हालांकि, कार्रवाई के दौरान वह घर पर नहीं मिला। सूत्रों के मुताबिक उसका मोबाइल फोन बंद है और वह फिलहाल जांच एजेंसी की पहुंच से बाहर है। CID उसकी तलाश में जुटी है और उसके संभावित ठिकानों की जानकारी भी खंगाली जा रही है।

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डिजिटल साक्ष्यों पर फोकस

जांच एजेंसी का पूरा जोर अब डिजिटल साक्ष्यों पर है। छापेमारी के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। ताकि इन डिवाइसों से पेपर लीक नेटवर्क, संपर्क सूत्र और लेन-देन से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं।

जांच में हो सकते हैं नए खुलासे

CID फिलहाल पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में कुछ और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। एजेंसी फिलहाल छापेमारी में मिले साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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