Author :
drishtinow
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Edited by :
drishtinow
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Updated :
Tue, 26 Apr 2022 02:21 PM (IST)
Covid -19 प्रोत्साहन राशि गबन प्रकरण
पूर्व मंत्री और विधायक सरयू राय ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के पीए ने बयान देकर बताया है कि बन्ना ने मुझ पर मानहानि का मुकदमा दर्ज किया है यह वक्तव्य मंत्री को अथवा उनके वकील को देना चाहिए था फिर भी मैं इसका स्वागत करता हूं उन्होंने मुझे अवसर दिया कि मैं इस विषय पर न्यायालय के सामने अपना पक्ष रख सकूं मुझे पता नहीं कि यह मुकदमा उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के रूप में किया है या व्यक्तिगत रूप में उन्होंने मुकदमे में न्यायालय को जो भी है अभी तक उन्होंने सार्वजनिक नहीं किया है।
उन्होंने कहा की कोविड-19 की राशि मंत्री कोषांग के कर्मियों को देने तथा जो उनके कर्मी नहीं है उसका नाम भी प्रोत्साहन राशि में लेने वालों की सूची में दर्ज कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्री के भ्रष्ट आचरण पर सवाल उठाया जिसे अखबारों ने छापा मैंने इस बारे में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया और बन्ना गुप्ता को मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की।
मैंने जो कुछ कहा वो मंत्री की फाइलों में है इससे उनके मानहानि कैसे हो जाती है मंत्री को यह बताना चाहिए मंत्री ने संचिका में अपने को कर्मियों की सूची क्यों लगाई क्यों अनुमोदित किया। कोविड-19 राशि देने का आदेश दिया खुद प्रोत्साहन राशि लेने के लिए अपना बिल बनाया अपने बैंक खाते का नंबर दिया बिल ट्रेजरी में भेजा मैंने यह बात भी मुख्यमंत्री को लिखकर दिया यह भी अखबार में छपा ।
इससे बन्ना गुप्ता को मानहानि कैसे हो गई बन्ना गुप्ता को भी पश्चाताप करना चाहिए कि उन्होंने सरकारी तिजोरी से चोरी करने की नियत से भ्रष्ट आचरण किया एक मंत्री का दायित्व है कि विभाग में अनियमितताएं रोके पर मंत्री ही अनियमितता करने लगे तो इस पर सवाल उठाना और मंत्री के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री से कहना एक जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है.