20250726 193415

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिमडेगा द्वारा जिला स्तरीय बहु-हितधारक परामर्श कार्यक्रम का आयोजन

शंभू कुमार सिंह

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सिमडेगा : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिमडेगा ने झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), रांची के तत्वावधान में एक जिला स्तरीय बहु-हितधारक परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी, साइबर जागरूकता, डायन प्रथा अधिनियम, पॉश अधिनियम, बाल विवाह और अन्य सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजीव कुमार सिन्हा और अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अपने संबोधन में श्री सिन्हा ने कहा, “जागरूकता ही समाज को बदलने का सबसे प्रभावी तरीका है।” उन्होंने कार्यस्थलों पर महिलाओं के खिलाफ यौन शोषण, साइबर धोखाधड़ी और बाल विवाह जैसे मुद्दों पर कठोर कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने सभी पैरा-लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) और पुलिस प्रशासन को इन मुद्दों पर जागरूकता फैलाने और बाल विवाह को पूरी तरह रोकने का निर्देश दिया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) नरंजन सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने साइबर अपराधों से बचाव, डायन प्रथा अधिनियम, पॉश अधिनियम और साथी अभियान व आवाज उठाओ अभियान पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के उपाय सुझाए। सभी पीएलवी को अपने-अपने क्षेत्रों में इन विषयों पर लोगों को शिक्षित करने का निर्देश दिया गया।

यह कार्यक्रम झालसा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और न्याय सुनिश्चित करना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिमडेगा ने इस पहल के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

आगे भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा ताकि लोग अपने अधिकारों को समझ सकें और समाज में साइबर अपराधों व अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़े।

Share via
Share via