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ED की जब्त महंगी जमीन पर एक कम्पनी ने ठोका दावा हाईकोर्ट में हुई सुनवाई जानिए क्या है मामला

जिस जमीन को ईडी (ED) ने जब्त कर लिया उस जमीन को लेकिआर किसी और मालिक ने हाईकोर्ट में केस किया है जिसमे उसने जमीन को अपना बताया है और कहा है की ईडी को जमीन जब्त करने से पहले एक बार उनसे पूछना चाहिए था। चुकी यह जमन उन्होंने खरीदी है इसलिए अब ये जमीन उनका है जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल रांची के मशहूर होटल  ली लैक के मालिक विनय प्रकाश की रांची की एक जमीन को इडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने जब्त किया था,अब इसे  इसे रिलिज करने को लेकर एक कंपनी मेसर्स हाईस्ट्रीट इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर रीट याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति एसके द्विवेदी की कोर्ट ने मामले की मेरिट पर सुनवाई के लिये चार जुलाई की तिथि निर्धारित की है.

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पूरा मामला कुछ इस तरह है – मेसर्स हाईस्ट्रीट ने वर्ष 2015 में विनय प्रकाश से उक्त जमीन खरीदी थी. इडी ने विनय प्रकाश की अवैध कमाई का आकलन करते हुए उनके खिलाफ पीएमएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. वर्ष 2018 में इडी ने विनय प्रकाश के खिलाफ मनी लांड्रिग के तहत कार्रवाई कर उनकी उक्त जमीन को जब्त कर लिया था. इडी ने विनय प्रकाश के खिलाफ आय से अधिक कमाई के अध्ययन में पाया था. उनकी उक्त जमीन अवैध कमाई से खरीदी गयी है. जिसके बाद इडी ने उनकी जमीन को जब्त कर लिया था.

जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020 में मेसर्स हाईस्ट्रीट को इडी की ओर से जमीन खाली करने का नोटिस आया. जिसके बाद उन्होंने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उनकी ओर से याचिका दायर कर कहा गया है कि उन्होंने वर्ष 2015 में उक्त जमीन विनय प्रकाश से खरीदी है. यह जमीन अब विनय प्रकाश के बजाय अब उनकी है. इसलिए सुनवाई के दौरान बिना उनका पक्ष सुने वर्ष 2020 में उन्हें जमीन खाली करने का नोटिस देना अनुचित है. जमीन की जब्ती कार्रवाई से पहले इडी को उनका पक्ष सुनने का मौका दिया जाना चाहिए था. उनका पक्ष सुने बिना ही उनकी जमीन को सीज कर लिया, जबकि उक्त जमीन को वह पहले ही खरीद चुके थे. उन्होंने इडी की इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए उक्त जमीन को रिलिज कराने का आग्रह कोर्ट से किया है.

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