जमशेदपुर में कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े अपराधियों के साथ पुलिस की मुठभेड़, तीन बदमाश घायल

जमशेदपुर में कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े अपराधियों के साथ पुलिस की मुठभेड़, तीन बदमाश घायल

जमशेदपुर में कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े अपराधियों के साथ पुलिस की मुठभेड़, तीन बदमाश घायल

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

जमशेदपुर में कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े अपराधियों के साथ पुलिस की मुठभेड़, तीन बदमाश घायल

जमशेदपुर, 30 जनवरी  – शहर में उस वक्त एक बार फिर सनसनी फैल गई है। कैरव गांधी अपहरण मामले से जुड़े तीन अपराधियों के साथ गुरुवार आधी रात पुलिस की भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें तीनों बदमाश घायल हो गए।

घटना बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सोनारी साईं मंदिर के पास रात करीब 2:30 से 3 बजे के बीच हुई।जानकारी के अनुसार, पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों – गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा – को पूछताछ के आधार पर हथियार बरामद करने के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था।

अपहरण के बाद इन आरोपियों ने शहर छोड़ने से पहले हथियार सोनारी साईं मंदिर के पास झाड़ियों में छिपा दिए थे। मौके पर पहुंचते ही एक अपराधी ने बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे के बॉडीगार्ड से कारबाइन छीन ली और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। थाना प्रभारी आलोक दुबे बाल-बाल बच गए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीनों अपराधियों के पैरों में गोली लगी। घायलों बदमाशों को तुरंत एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच उनका इलाज चल रहा है। उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

मौके से पुलिस ने हथियार (पिस्तौल, कारतूस और अन्य सामग्री) बरामद किए हैं। सिटी एसपी कुमार शिवाजी ने पुष्टि की कि यह कार्रवाई पूछताछ के दौरान मिली सूचना पर आधारित थी। तीनों आरोपी बिहार के गया और नालंदा जिले के निवासी हैं ये अपराधी अपहरण के अलावा कई संगीन अपराधों में शामिल रहे हैं। पुलिस इनके नेटवर्क और अन्य संलिप्त लोगों की जांच कर रही है।

अपहरण कांड की पृष्ठभूमि

युवा उद्योगपति देवांग गांधी के 24 वर्षीय पुत्र कैरव गांधी का अपहरण 13 जनवरी 2026 को हुआ था। अपहरणकर्ताओं ने 5 करोड़ रुपये से अधिक की फिरौती मांगी थी (कुछ कॉल्स इंडोनेशिया या थाईलैंड से आए थे)। पुलिस की लगातार कार्रवाई और कई एसआईटी टीमों की जांच के बाद कैरव को 27 जनवरी को हजारीबाग के चौपारण-बरही इलाके (बिहार बॉर्डर) से सुरक्षित बरामद किया गया।

कथित तौर पर कोई फिरौती नहीं दी गई। अब तक पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें सिंह साहब गिरोह के सदस्य भी शामिल हैं।इस मुठभेड़ के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। झारखंड डीजीपी तादाशा मिश्रा शुक्रवार को पूरे मामले पर आधिकारिक ब्रीफिंग दे सकती है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और बाकी अपराधियों को जल्द पकड़ा जाएगा।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now