अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर भव्य प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह
अयोध्या : रामनगरी अयोध्या आज भक्ति और उल्लास से सराबोर है। भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ का भव्य आयोजन किया गया। यह समारोह हिंदू पंचांग के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी तिथि पर मनाया जा रहा है, जो इस वर्ष 31 दिसंबर को पड़ रही है। मूल प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी, लेकिन वर्षगांठ तिथि के अनुसार मनाई जाती है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। दोनों नेताओं ने राम मंदिर परिसर में रामलला के दर्शन-पूजन किए तथा मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा फहराई। इसके बाद अंगद टीला पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या की हर गली और हर सांस में राम बसे हैं, और राम मंदिर आंदोलन विश्व का एक महान जन जागरण रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर राम भक्तों को बधाई दी और इसे आस्था एवं परंपराओं का दिव्य उत्सव बताया।
समारोह के दौरान राम मंदिर में विशेष अभिषेक, यज्ञ, हवन और वैदिक मंत्रोच्चार हुए। रामचरितमानस का पाठ, रामलीला मंचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। अनुमान है कि इन दिनों 5-6 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, और वीआईपी पास पर रोक लगाई गई है ताकि आम भक्तों को सुविधा हो।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, अनुष्ठान जगद्गुरु की देखरेख में संपन्न हुए। यह उत्सव न केवल धार्मिक महत्व का है, बल्कि अयोध्या के विकास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक भी बन गया है। जय श्रीराम के जयघोष से गूंजती रामनगरी में नए वर्ष का स्वागत भी इसी उत्साह के साथ हो रहा है।

















