हेमंत सोरेन का अपने जन्मदिन पर मार्मिक संदेश: पिता शिबू सोरेन को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
हेमंत सोरेन का अपने जन्मदिन पर मार्मिक संदेश: पिता शिबू सोरेन को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
रांची, 10 अगस्त : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने जन्मदिन के अवसर पर अपने पिता और झारखंड आंदोलन के प्रणेता, दिशोम गुरु शिबू सोरेन को याद करते हुए एक भावुक और मार्मिक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने अपने पिता के संघर्ष, आदर्शों और शिक्षाओं को याद करते हुए उनके प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।
हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में लिखा, “आज बाबा बहुत याद आ रहे हैं। मुझे जीवन देने वाले जीवनदाता : मेरे जीवन की जड़ें जिनसे जुड़ी हैं, वे आज हमारे साथ नही है उनके प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा भले ही आज सशरीर उनके साथ नहीं हैं, लेकिन उनकी आत्मा हर सूरज की रोशनी, पेड़ की छाया, बहती हवा और नदी की धार में मौजूद है। उन्होंने अपने पिता को “वीर योद्धा दिशोम गुरुजी” के रूप में याद करते हुए कहा कि उनके पिता ने उन्हें: उनके मजबूत कंधों और दृढ़ विश्वास ने मुझे हर कठिनाई को अवसर में बदलना और जन-जन की सेवा करना सिखाया।
इस पोस्ट में हेमंत ने अपने पिता के नेतृत्व, सेवा और सामाजिक दायित्व के मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि शिबू सोरेन का संकल्प शोषितों-वंचितों और आदिवासी अस्मिता को मुख्यधारा में लाने का था, जो उनके हर निर्णय में मार्गदर्शन करता है। उन्होंने अपने पिता को प्रकृति का अंश बताते हुए कहा, “बाबा अब इस मिट्टी में हैं, हवा में हैं, जंगलों में हैं, नदियों में हैं, पहाड़ों में हैं, गीतों में हैं – उन अनगिनत लोककथाओं की तरह, जो हमेशा अजर-अमर रहती हैं।”
अंत में उन्होंने गर्व के साथ लिखा, “मुझे मान है कि मैं वीर योद्धा दिशोम गुरुजी का अंश हूं।” पोस्ट को “वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें! वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन जिंदाबाद! जय झारखण्ड!” के नारे के साथ समाप्त किया।
यह संदेश न केवल एक पुत्र की अपने पिता के प्रति श्रद्धांजलि है, बल्कि झारखmilestone: इस मार्मिक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा बटोरि है, जिसमें इसे झारखंड के लोगों के बीच एकता और गर्व का प्रतीक माना जा रहा है।


















