कतरास के तिलाटांड में धड़ल्ले से चल रहा अवैध कोयला डिपो, प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
धनबाद: कतरास थाना क्षेत्र के तिलाटांड स्थित बारूद घर के पास अवैध कोयला कारोबार का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। दिनदहाड़े चल रहे इस अवैध धंधे को लेकर इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
बीसीसीएल को लग रहा करोड़ों का चूना
रत्नेश कुमार ने अपने ट्वीट में दावा किया है कि कोयला तस्करों ने तिलाटांड में अवैध डिपो बना रखा है। इस गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित है:
कोयले की चोरी: बीसीसीएल (BCCL) के बंद पड़े मुहानों और डंपों से मोटरसाइकिल के जरिए बड़ी मात्रा में कोयला चोरी किया जाता है।
स्टॉक और लोडिंग: चोरी का कोयला तिलाटांड स्थित अवैध डिपो में डंप किया जाता है, जहाँ से मजदूरों के माध्यम से ट्रकों में लोड कर इसे बाहर भेजा जाता है।
अंतरराज्यीय तस्करी: यह कोयला बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर भेजा जा रहा है।
संरक्षण पर उठे सवाल
इस अवैध कारोबार की चर्चा पूरे धनबाद जिले में है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर कोयले की तस्करी बिना किसी उच्च-स्तरीय संरक्षण के कैसे संभव है? रत्नेश कुमार ने कहा कि इस अवैध कारोबार के कारण न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय प्रशासन, विशेषकर धनबाद एसएसपी और संबंधित थाना प्रभारी की छवि भी धूमिल हो रही है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ ने संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अवैध कोयला डिपो को ध्वस्त नहीं किया गया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन आगे बड़ा कदम उठाने पर विचार करेगा। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि अवैध कोयला माफियाओं के गठजोड़ को बेनकाब किया जा सके।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या संज्ञान लेता है और कब तक इस अवैध धंधे पर अंकुश लगाया जाता है।
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