धनबाद: ईस्ट बसुरिया में ‘शादी के पर्दों’ की आड़ में कोयले का काला खेल, पुलिस की छवि पर उठ रहे सवाल
धनबाद के ईस्ट बसुरिया में चेक पोस्ट के पीछे शादी के पर्दों की आड़ में चल रहा है अवैध कोयले का बड़ा खेल। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने जांच की मांग की।

धनबाद: कोयलांचल में कोयला माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब अवैध कारोबार को छुपाने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। ताजा मामला धनबाद के ईस्ट बसुरिया क्षेत्र का है, जहां प्रशासन की नाक के नीचे बड़े पैमाने पर अवैध कोयला तस्करी का खेल फल-फूल रहा है।
पहले हरा पर्दा, अब ‘शादी के टेंट’ से घेराबंदी
अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के मुताबिक, ईस्ट बसुरिया चेक पोस्ट के ठीक पीछे स्थित ग्राउंड के बगल में कोयले का अवैध डिपो चलाया जा रहा है। इस काले धंधे को छुपाने के लिए माफियाओं ने गजब की तरकीब निकाली है। पहले इस जगह को हरे रंग के पर्दे से घेरा गया था, लेकिन जब मामला चर्चा में आया तो अब इसे शादी-ब्याह में इस्तेमाल होने वाले रंग-बिरंगे पर्दों से ढक दिया गया है।
दिनदहाड़े हो रही इस तस्करी को पर्दों के पीछे इसलिए छुपाया गया है ताकि बाहर से आने-जाने वाले किसी भी व्यक्ति या अधिकारी को अंदर चल रहे अवैध कारोबार की भनक न लग सके।

पुलिस की छवि हो रही धूमिल
हैरानी की बात यह है कि मुख्य सड़क और चेक पोस्ट के पास इतने बड़े पैमाने पर अवैध काम होने के बावजूद स्थानीय पुलिस मौन है। अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से कोयला माफियाओं का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछड़ा वर्ग संघ का कहना है कि इस खुली लूट के कारण धनबाद एसएसपी (SSP) और स्थानीय थाना प्रभारी की छवि भी जनता के बीच धूमिल हो रही है।
अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस गंभीर मामले को लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने जिला प्रशासन से अविलंब जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
रत्नेश कुमार ने कहा:
“अगर समय रहते इस अवैध कारोबार पर ताला नहीं लगाया गया, तो क्षेत्र में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच जाएगा। प्रशासन को इस पूरे खेल की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और पर्दे के पीछे छिपे असली चेहरों (माफियाओं) को जेल भेजना चाहिए, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।”

















