रांची में आदिवासी समाज अपने धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए ह्यूमन -चैन बनाकर उतरे सड़को पर।

रांची में आदिवासी समाज अपने धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए ह्यूमन -चैन बनाकर उतरे सड़को पर।

Share
Link copied

रांची में आदिवासी समाज अपने धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए ह्यूमन -चैन बनाकर उतरे सड़को पर।

रांची में आदिवासी समाज अपने धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए ह्यूमन -चैन बनाकर उतरे सड़को पर।
In Ranchi, tribal communities took to the streets forming a human chain to protect their religious places.

निर्माणाधीन सिरम टोली फ्लाई ओवर आदिवासी समाज के लिए परेशानी का सबब बना।

राजधानी रांची के सिरम टोली मुख्य सरना स्थल के द्वार पर रैंप के विरोध में शुक्रवार को आदिवासी समाज सड़क पर उतरा।

मानव श्रृंखला बनाकर सरकार को संदेश देने की कोशिश की जा रही है।

रांची:रांची में निर्माणाधीन सिरम टोली फ्लाई ओवर आदिवासी समाज के लिए परेशानी का सबब बन गया है … राजधानी रांची के सिरम टोली मुख्य सरना स्थल के द्वार पर रैंप के विरोध में आदिवासी समाज सड़क पर उतरा गए है । मानव श्रृंखला बनाकर सरकार को संदेश देने की कोशिश की जा रही है यह मानव शृंखला हरमू रोड पुरानी रांची से विधानसभा तक बनाई गयी…. बता दें की बीते दिन रांची में 200 गावों के सरना समिति के सदस्यों की बैठक हुई थी जिसमें झारखंड सरकार के खिलाफ विशाल मानव श्रृंखला बनाने का निर्णय लिया गया था। यह मामला झारखंड विधानसभा तक पहुंचा। भाजपा विधायक नवीन जसवाल ने कहा आदिवासियों का आस्था की बात है। सरना स्थल पर लाखों लोग जुड़ते हैं विकास के नाम पर विनाश का खेल चल रहा है। तो यही झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता ने कहा सारे मामलों को सरकार देख रही है आदिवासियों की सरकार है जनहित में फैसला ली जाएगी राज में अपने ही सरकार के खिलाफ अपने धार्मिक स्थल की रक्षा को लेकर के आदिवासी समाज आज सड़कों पर उतरा है…. बता दें कि सिरम टोली स्थित सरना स्थल के पास फ्लाईओवर के निर्माण को विरोध आदिवासी समाज लंबे समय से कर रहा है…..और इसको लेकर के मुख्यमंत्री से लेकर के मंत्री स्तर तक वार्ता भी हो चुकी है…..लेकिन अपनी मांगों को पूरा होता ना देख आदिवासी समाज आज मानव श्रृंखला के माध्यम से अपना विरोध जताने सड़कों पर उतरा है… वही आज विधानसभा बजट सत्र के दौरान सरकार के मंत्री और विपक्ष के विधायकों ने इस पर कहा है आईए सुनते हैं…..

 

ABOUT THE AUTHOR
drishtinow

drishtinow