20210110 205706

उद्यमियों की समस्याओं पर झारखण्ड चैंबर का गिरिडीह दौरा.

Team Drishti.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

उद्यमियों की समस्याओं पर वार्ता हेतु आज गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ काॅमर्स द्वारा आयोजित बैठक में झारखण्ड चैंबर ऑफ काॅमर्स ने गिरिडीह का दौरा कर उद्यमियों की कइिनाइयां सुनी। जेबीवीएनएल और डीवीसी के आपसी विवाद में डीवीसी कमांड एरिया के अधीनस्थ सातों जिलों में विद्युत कटौती से हो रही कठिनाईयों पर उद्यमियों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पावरकट के कारण औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उद्यमियों ने यह भी कहा कि अब तक झारखण्ड में माईनर मिनरल पाॅलिसी का गठन नहीं होने के कारण खनन एवं खनिज आधारित लघु उद्योगों का विकास बाधित है। सरकार को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए शीघ्र माईनर मिनरल पाॅलिसी बनानी चाहिए। व्यवसायियों ने झारखण्ड चैंबर को यह भी अवगत कराया कि झारखण्ड चैंबर के प्रयासों से गिरिडीह में ट्राॅफिक थाना का निर्माण कर दिया गया है किंतु अब तक यहां प्रशिक्षित ट्राॅफिक पुलिस बल की पदस्थापना नहीं की गई है जिस कारण जिले में यातायात नियंत्रण करने में कठिनाई हो रही है।

उद्यमियों की कठिनाईयों को सुनने के पश्चात चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबडा ने कहा कि दो प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों के आपसी विवाद से उपभोक्ताओं का कोई लेना-देना नहीं है। यदि जेबीवीएनएल द्वारा डीवीसी को समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है तब इस बीच उपभोक्ताओं को प्रताडित करना व्यवहारिक रूप से उचित नहीं है। उपभोक्ताओं ने अपने द्वारा उपभोग किये गये बिजली बिल का भुगतान कर दिया है, सरकार उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई करे। उन्होंने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि राज्य में माइनर मिनरल पाॅलिसी के गठन एवं ट्राॅफिक थाना में प्रशिक्षित पुलिस बल की पदस्थापना हेतु शीघ्र ही उच्चाधिकारियों के साथ वार्ता करेंगे।

बैठक के दौरान उद्यमियों ने कहा कि राज्य में केवल 10 वर्ष का फैक्ट्री लाईसेंस मिल रहा है, जिस कारण नये उद्यमियों को कठिनाइयां हो रही हैं। यह भी कहा गया कि लाइसेंस के नवीकरण हेतु 15 जनवरी अंतिम तिथि है किंतु नवीकरण में काफी कठिनाईयां हो रही हैं। सरकार द्वारा ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के तहत लाईसेंस को ऑटो रिन्यूअल की व्यवस्था दी गई है किंतु कार्रवाई नहीं हो रही है। चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि 10 वर्षों का एकमुश्त फैक्ट्री लाइसेंस फीस जमा करने की बाध्यता, उद्यमियों पर एक बडा वित्तिय बोझ है। सरकार को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए 10 वर्ष के साथ 1 वर्ष के लिए भी फैक्ट्री लाईसेंस देने का विकल्प देना चाहिए। साथ ही उन्होंने इस मामले में विभागीय सचिव से वार्ता का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान व्यापारियों ने यह भी कहा कि सरकार के एक आदेश के तहत तत्कालीन गिरिडीह अंचलाधिकारी द्वारा 1910-11 के खतियान के अनुसार सभी सरकारी भूमि को प्रतिबंधित सूचि में डाल दिया गया है। जबकि उस समय जमींदारी प्रथा थी जिसका 1955-56 से रसीद कटता आ रहा है, उसे भी इस सूचि में डाल दिया गया है, गिरिडीह में ऐसे 8 लाख केस हैं। मामले के निष्पादन हेतु विभागीय सचिव द्वारा उपायुक्त को निर्देश भी दिया गया है कि जमीन की जांच कर, प्रतिबंधित सूचि से बाहर करें, फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। यह आग्रह किया गया कि उस सूचि को रद्द किया जाय।

प्रतिनिधिमण्डल में झारखण्ड चैंबर के अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबडा, उपाध्यक्ष किशोर मंत्री, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला, महासचिव राहुल मारू, सह सचिव राम बांगड, कार्यकारिणी सदस्य वरूण जालान, शैलेश अग्रवाल, अमित किषोर एवं शषांक भारद्वा जस्थानीय विधायक सुदीव्या कुमार, गिरिडीह चैंबर की ओर से प्रदीप अग्रवाल, प्रमोद कुमार, ध्रुव सोंथालिया, अमरजीत सिंह सलूजा, मनमीत सिंह, परमजीत सिंह सहित सैकडों व्यापारी सम्मिलित थे।

Share via
Share via