NEIFW 2026 में चमका झारखंड का ‘द प्राइड ऑफ ट्राइब’, अब राज्य में होगा नेशनल ट्राइबल फैशन शो

रांची/गुवाहाटी : झारखंड की आदिवासी कला, संस्कृति और हथकरघा विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में ‘द प्राइड ऑफ ट्राइब’ (TPOT) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। असम के गुवाहाटी में आयोजित नॉर्थ ईस्ट इंटरनेशनल फैशन वीक (NEIFW) 2026 में शानदार डेब्यू करते हुए TPOT ने झारखंड सहित देशभर की आदिवासी विरासत को प्रभावशाली ढंग से राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!फैशन शो में झारखंड की प्रसिद्ध सोहराई कला और स्वदेशी हथकरघा वस्त्रों का आकर्षक प्रदर्शन मुख्य आकर्षण रहा। पारंपरिक आदिवासी कलाओं को आधुनिक फैशन डिजाइनों के साथ पेश कर TPOT ने यह संदेश दिया कि आदिवासी संस्कृति केवल विरासत नहीं, बल्कि भविष्य की प्रेरणा भी है। दर्शकों ने इस प्रस्तुति की जमकर सराहना की।
कार्यक्रम में झारखंड की युवा आदिवासी मॉडल अंजलि लकड़ा और लक्ष्मी तिग्गा ने फ्रेशर ग्रुप में पहली बार राष्ट्रीय मंच पर रैंप वॉक कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। शो डायरेक्टर ने दोनों की मेहनत, लगन और सीखने की क्षमता की प्रशंसा की।
कार्यक्रम में NEIFW के संस्थापक प्रशांत घोष भी मौजूद रहे। उन्होंने झारखंड से आए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए TPOT की प्रस्तुति की सराहना की और आगामी नेशनल ट्राइबल फैशन शो के आयोजन में सहयोग का आश्वासन दिया।

TPOT की टीम लीड कांति गाड़ी ने कहा कि यह केवल फैशन शो नहीं, बल्कि आदिवासी पहचान, स्वाभिमान और आजीविका को मजबूत करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की हर कलाकृति और हर धागा उसकी संस्कृति और इतिहास की कहानी कहता है।
NEIFW 2026 में मिली सफलता के बाद अब ‘द प्राइड ऑफ ट्राइब’ झारखंड में ‘नेशनल ट्राइबल फैशन शो’ सीजन-1 आयोजित करने की तैयारी में जुट गया है। इस मंच के जरिए आदिवासी कारीगरों, बुनकरों, डिजाइनरों, मॉडलों, मेकअप आर्टिस्टों, फोटोग्राफरों और टेक्सटाइल विशेषज्ञों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
सोशल एक्टिविस्ट और आदिवासी नेता अनिल अमिताभ पन्ना ने इस उपलब्धि को पूरे आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह केवल फैशन का प्रदर्शन नहीं, बल्कि आदिवासी इतिहास, पहचान और सांस्कृतिक अस्मिता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि TPOT का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा और आदिवासी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

















