कैरव गांधी अपहरण Follow up: जय हिंद की गूंज के बीच न्याय की पुकार, मां की सिसकियां
कैरव गांधी अपहरण : जय हिंद की गूंज के बीच न्याय की पुकार, मां की सिसकियां
गणतंत्र दिवस पर न्याय की पुकार
आज पूरा भारत 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। चारों तरफ तिरंगे लहरा रहे हैं, नारे गूंज रहे हैं, स्कूल-कॉलेजों में बच्चे उत्साह से झूम रहे हैं। हर कोई उन देशभक्तो को याद कर रहा है जिन्होंने देश को आजाद कराया और फिर ऐसा कानून बनाया जिससे सभी शांति से जी सके अपराध करने वाले को कानून का खौफ हो ।
.लेकिन इन सबके बीच झारखंड का एक घर ऐसा जहाँ अपराधियो ने उसी कानून को तमाचा मार कर घर को खौफ की जिंदगी जीने के लिए विवश कर रखा है जहां घर मे मानो अंधेरा छाया हुआ है, सभी की सांसें थमी हुई हैं, और आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे।
जी हां हम बात कर रहे हैं जमशेदपुर के उस गांधी परिवार की, जहां 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन घर का उजाला—इकलौता बेटा कैरव गांधी—अभी तक नहीं मिला है।
कैरव… वह युवा जो सपने देखता था। उच्च शिक्षा प्राप्त, उद्यमी बनने की राह पर, राज्य और देश के लिए कुछ बड़ा करने की जज्बा लिए। लेकिन 13 जनवरी को दिनदहाड़े, बिष्टुपुर की सड़कों पर, फिल्मी अंदाज में उसका अपहरण हो गया। फिरौती की मांग आई—पहले 5 करोड़, फिर 10 करोड़ तक की बातें।
Scorpio कार, संदिग्ध गैंग, बिहार तक फैली जांच… लेकिन 14 दिन बाद भी कैरव का कोई सुराग नहीं। उसकी मां की आंखें अब सूजी हुई हैं, पिता की आवाज कांपती है। रातें बीत रही हैं, लेकिन नींद नहीं आती। हर फोन की घंटी पर दिल धड़कता है—क्या कोई खबर है? क्या मेरा बेटा सुरक्षित है? क्या वो ठीक है?
DGP तदाशा मिश्रा खुद जमशेदपुर पहुंचीं। घटनास्थल का जायजा लिया, डोबो पुल तक सीन रीक्रिएशन कराया, हाई-लेवल मीटिंग की, निर्देश दिए—जल्द नतीजा निकालो।
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व CM रघुवर दास, BJP नेताओं का जमावड़ा… सब आए, ढांढस बंधाया। लेकिन परिवार अब ढांढस नहीं चाहता। वो चाहता है—उसका बेटा वापस आये। जमशेदपुर की गलियां अब चुप हैं। लोग पूछते हैं—कब तक?
पुलिस की चुनौतियां बढ़ रही हैं, समय बीत रहा है, और हर बीतता पल परिवार की उम्मीद को और कमजोर कर रहा है। आज गणतंत्र दिवस है। संविधान का दिन। आजादी और न्याय का दिन। लेकिन जब एक मां-बाप का इकलौता बेटा गायब हो, और कानून-व्यवस्था जवाब दे रही हो, तो वो गर्व कहां रह जाता है?
कैरव, अगर कहीं सुन पा रहे हो… तुम्हारा परिवार इंतजार कर रहा है। तुम्हारी मां रोज तुम्हारी तस्वीर देखकर रोती है। तुम्हारा पिता रात भर जागता है। पूरा शहर तुम्हारे घर आने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहा है। जल्द से जल्द तुम सुरक्षित घर लौट आओ। तुम्हारी मुस्कान वापस आए, और ये अंधेरा छंट जाए।

















