कपिल राज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज में शुरू की नई पारी: पूर्व ईडी अधिकारी का कॉर्पोरेट क्षेत्र में कदम
कपिल राज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज में शुरू की नई पारी: पूर्व ईडी अधिकारी का कॉर्पोरेट क्षेत्र में कदम
पूर्व प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अधिकारी और 2009 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी कपिल राज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के साथ अपनी नई पारी शुरू की है। 16 साल की प्रतिष्ठित सरकारी सेवा के बाद, 45 वर्षीय राज ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए 17 जुलाई 2025 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। उनकी यह नियुक्ति सरकारी और कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच बढ़ते तालमेल का प्रतीक मानी जा रही है।
ईडी में शानदार कार्यकाल
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी कपिल राज ने लखनऊ से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की और 2008 में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईआरएस में शामिल हुए। ईडी में लगभग आठ वर्षों तक संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक के रूप में कार्य करते हुए, उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच का नेतृत्व किया। इनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दिल्ली शराब नीति घोटाले में गिरफ्तारी (21 मार्च 2024), झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमि घोटाले से जुड़ी गिरफ्तारी (जनवरी 2024), और नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, डीएचएफएल, तथा इकबाल मिर्ची जैसे बड़े वित्तीय घोटालों की जांच शामिल हैं।
राज अपनी नेतृत्व शैली और जांच में सटीकता के लिए जाने जाते थे। वे पूछताछ के लिए विस्तृत प्रश्नावली तैयार करते थे और छापेमारी के दौरान अक्सर स्वयं मौके पर मौजूद रहकर अपनी टीम का मार्गदर्शन करते थे।
जीएसटी इंटेलिजेंस से रिलायंस तक का सफर
दिसंबर 2024 में राज को ईडी से उनके मूल कैडर में वापस भेजा गया और अप्रैल 2025 में उन्हें जीएसटी इंटेलिजेंस मुख्यालय में अतिरिक्त निदेशक नियुक्त किया गया। इसके बाद, उन्होंने सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया और अब रिलायंस इंडस्ट्रीज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, उनकी विशिष्ट जिम्मेदारी का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन उनकी नियुक्ति को वित्तीय जांच और नियामक अनुपालन में उनके व्यापक अनुभव के लिए रणनीतिक माना जा रहा है।
नया ट्रेंड: नौकरशाही से कॉर्पोरेट की ओर
कपिल राज का यह कदम नौकरशाहों के निजी क्षेत्र में जाने के बढ़ते रुझान को दर्शाता है। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव रिलायंस जैसे भारत के सबसे बड़े कॉर्पोरेट समूह के लिए मूल्यवान साबित हो सकता है। यह बदलाव न केवल उनके करियर का एक नया अध्याय है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे सरकारी अनुभव कॉर्पोरेट जगत में नए अवसर खोल सकता है।

















