जनगणना में ओबीसी कॉलम नहीं होने पर पिछड़ी जाति संघर्ष समिति में आक्रोश

शंभू कुमार सिंह
गुमला: केंद्रीय पिछड़ी जाति संघर्ष समिति, झारखंड की बैठक रविवार को गुमला में केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विभिन्न जिलों से पहुंचे समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जनगणना में ओबीसी यानी पिछड़ी जातियों के लिए अलग कॉलम नहीं होने पर नाराजगी जताई।
समिति के सदस्यों ने कहा कि जनगणना में पिछड़ी जातियों की अलग से गणना नहीं किया जाना उनके साथ छल और ठगी के समान है। पिछड़ी जातियों की वास्तविक संख्या और उनकी सामाजिक स्थिति का सही आंकड़ा सामने आना जरूरी है, ताकि उनके अधिकारों और हिस्सेदारी से जुड़ी नीतियां उचित आधार पर तैयार की जा सकें।

बैठक में समिति ने चेतावनी दी कि यदि जनगणना में पिछड़ी जातियों को शामिल नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। इसके तहत सड़क पर उतरकर रोड जाम और चक्का जाम किया जाएगा। वहीं, चुनाव में वोट बहिष्कार का निर्णय लेने की भी चेतावनी दी गई। सिमडेगा जिला अध्यक्ष रामजी यादव ने बताया कि आंदोलन की तिथि और आगे की रणनीति पर अंतिम निर्णय 27 सितंबर 2026 को सिसई में होने वाली बैठक में लिया जाएगा।

बैठक में केंद्रीय समिति के संरक्षक जगदीश साहू, केंद्रीय कोषाध्यक्ष शिवदयाल गोप, महासचिव दिलीप नाथ साहू, सिमडेगा जिला महासचिव बजरंग प्रसाद, कोषाध्यक्ष परशुराम साहू, सदस्य राम कैलाश राम और संतू गुप्ता सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद थे। समिति के सदस्यों ने कहा कि पिछड़ी जातियों की जनगणना और उनके अधिकारों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

















