झारखंड में सात साल में करीब तीन गुना बढ़ीं MBBS सीटें, स्वास्थ्य मंत्री बोले- चिकित्सा शिक्षा का विस्तार कर राज्य को आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार

रांची: झारखंड में डॉक्टरों की कमी दूर करने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर जोर दे रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा है कि आने वाले दो वर्षों में राज्य में डॉक्टरों की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और झारखंड अपनी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के बीच करीब चार घंटे तक चली बैठक में मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने, चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक बनाने और भविष्य में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, झारखंड में वित्तीय वर्ष 2019-20 में एमबीबीएस की कुल 580 सीटें थीं, जो 2026-27 में बढ़कर 1650 हो गई हैं। इस वृद्धि से राज्य में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए अवसर बढ़े हैं।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रिम्स, रांची की एमबीबीएस सीटें 180 से बढ़कर 250 हो गई हैं। शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद में सीटों की संख्या 50 से बढ़कर 100 और एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में 50 से बढ़कर 150 बताई गई है। वहीं, दुमका, पलामू और हजारीबाग के मेडिकल कॉलेजों में 100-100 सीटें हैं। निजी मेडिकल कॉलेजों में भी सीटों के विस्तार का उल्लेख किया गया है। मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में 250, लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कॉलेज, पलामू में 150 और नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सरायकेला में 200 सीटें होने की जानकारी दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में लंबे समय से चिकित्सकों की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। इसका स्थायी समाधान मेडिकल कॉलेजों की संख्या, एमबीबीएस सीटों और चिकित्सा शिक्षा के अवसरों को बढ़ाकर ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड के विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में बेहतर मेडिकल शिक्षा मिले और वे आधुनिक चिकित्सा तकनीक का ज्ञान हासिल कर सकें, यह सरकार की प्राथमिकता है। अधिक योग्य डॉक्टर तैयार होने से सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी। मंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल मेडिकल सीटें बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें किसी गरीब मरीज को डॉक्टर और बेहतर इलाज के अभाव में परेशान न होना पड़े।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि एमबीबीएस सीटों में वृद्धि के साथ मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की उपलब्धता, अस्पतालों के बुनियादी ढांचे, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को मजबूत करना जरूरी है। राज्य का लक्ष्य केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि कुशल, योग्य और संवेदनशील चिकित्सक तैयार करना भी है।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता की सेहत उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य अधिक डॉक्टर, बेहतर मेडिकल शिक्षा, आधुनिक अस्पताल और जरूरतमंदों तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाना है।

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