सावन में रहस्यमयी चापाकल बना आकर्षण का केंद्र, दो माह तक 24 घंटे बहता रहता है पानी

शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा: सावन के पवित्र महीने में सिमडेगा के अति प्राचीन सरना मंदिर परिसर में स्थित एक चापाकल इन दिनों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर के सामने स्थित इस चापाकल से सावन और भादो के दौरान करीब दो महीने तक लगातार 24 घंटे स्वच्छ पानी बहता रहता है।

मंदिर के पुजारी कृष्णा पाठक के अनुसार, यह अनोखी घटना पिछले करीब दो दशकों से लगातार देखने को मिल रही है। बारिश का मौसम शुरू होते ही सावन और भादो के दौरान चापाकल से बिना रुके पानी निकलता रहता है। खास बात यह है कि यह चापाकल जमीन की सतह से करीब सात से दस फीट की ऊंचाई पर स्थित है, इसके बावजूद इससे लगातार जलधारा बहती रहती है।

चापाकल से निकलने वाला पानी आसपास बहता रहता है। इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मंदिर परिसर पहुंचते हैं। इस प्राकृतिक घटना को लेकर लोगों में अलग-अलग मान्यताएं भी हैं। कुछ लोग इसे प्राकृतिक घटना मानते हैं, जबकि कई श्रद्धालु इसे भगवान शिव की विशेष कृपा और आस्था से जोड़कर देखते हैं।

सावन में भगवान शिव के जलाभिषेक का विशेष महत्व है। ऐसे में मंदिर परिसर में लगातार बहता यह जल श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल और आस्था दोनों का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष सावन आते ही चापाकल से लगातार पानी का बहना अपने आप में अनोखा दृश्य होता है और इसे देखने के लिए दूर-दराज से भी लोग पहुंचते हैं।


















