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Panchayat:-केंद्र से मिले पैसे कम खर्च करने वाले पंचायत सचिव, बीडीओ पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

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Drishti  Now  Ranchi

पंचायतों के विकास के विकास के लिए 15 वें वित्त आयोग से मिले पैसों का 35 फीसदी राशि ही खर्च हुई है। पंचायती राज निदेशक ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने जिलों के डीडीसी को निर्देश दिया है कि 15वें वित्त आयोग अंतर्गत चयनित योजनाओं का क्रियान्वयन एवं राशि का समुचित व्यय अविलंब सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अपने जिले की सभी त्रिस्तरीय पंचायतों की समीक्षा करें। जिले के औसत से कम व्यय वाली पंचायत एवं पंचायत समिति के मामले में जवाबदेह पंचायत सचिव, प्रखंड विकास पदाधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करें।

जानबूझ कर लापरवाही एवं कर्तव्य निर्वहन में असफलता के आरोप में संबंधित मुखिया, प्रमुख के विरुद्ध कार्य में निलंबन का प्रस्ताव विभाग को भेजें। पंचायत राज निदेशालय की ओर से उप विकास आयुक्तों काे यह चेतावनी भी दी गई है कि राशि के अपेक्षित व्यय नहीं होने को आधार बनाते हुए आगामी किस्तों की विमुक्ति में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने की प्राथमिक जिम्मेवारी उनकी होगी।

वर्ष 2021-22 में 71,009 योजनाओं के विरुद्ध 55,409 ही शुरू

वित्तीय वर्ष 2022-23 में आबद्ध निधि में उपलब्ध कुल 713 करोड़ 80 लाख रुपए एवं अनाबद्ध निधि में उपलब्ध कुल 40969.60 लाख रुपए के विरुद्ध क्रमशः 203 करोड़ 67 लाख रुपए एवं 198 करोड़ 9 लाख रुपए का व्यय हो पाया है। इसी प्रकार 15वें वित्त आयोग मद में (आबद्ध एवं अनाबद्ध मद) उपलब्ध राशि से त्रिस्तरीय पंचायतों द्वारा वार्षिक विकास योजना के आधार पर वित्तीय वर्ष 2021-22 में 71,009 योजनाओं के विरुद्ध 55,409 योजनाएं एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 में 7,955 योजनाओं के विरुद्ध 6,056 योजनाएं प्रारंभ की गई हैं।

राज्य के सभी 24 जिलाें में जिला पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 15वें वित्त आयोग से टाइड और अनटाइड फंड से कुल 187.73 करोड़ रुपए उपलब्ध थे। इसमें से कुल 65.30 करोड़ रुपए खर्च हाे पाए हैं, जाे मात्र 35 फीसदी है। अर्थात 65 फीसदी राशि खर्च नहीं हाे पाई है। पिछले दिनाें मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दाैरान इसका खुलासा हुआ है। इसे विभाग ने गंभीरता से लिया है और सभी डीडीसी को योजनाएं पूरी कराने को कहा है।

पंचायती राज निदेशक ने सभी जिलों के डीडीसी को लिखा पत्र

राशि खर्च नहीं होने का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने नाराजगी जतायी है। इतना ही नहीं, लक्ष्य के आधार पर योजनाओं को पूरा करने और संबंधित राशि खर्च करने में तेजी लाने के लिए निर्देश दिया गया है। इसके लिए पंचायती राज निदेशक की ओर से सभी जिलाें के उप विकास आयुक्तों काे पत्र लिखा जा चुका है।

योजनाओं का क्रियान्वयन कराना पंचायतों की प्राथमिक जिम्मेदारी

विभिन्न स्रोतों से विभाग को सूचना प्राप्त हुई थी कि कई पंचायतों में पूर्ववर्ती वर्ष में संचालित जीपीडीए अन्तर्गत ग्राम सभा द्वारा चयनित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं भुगतान में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों द्वारा बाधा उत्पन्न की जा रही है।

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायत विकास योजना संबंधित पंचायत की विकास योजना होती है, न कि किसी पंचायत प्रतिनिधि विशेष की। सभी योजनाएं ग्रामसभा के निर्णय के आधार पर ही चयनित की जाती हैं। ग्राम पंचायत विकास योजना के आधार पर योजनाओं का क्रियान्वयन एवं समय पर भुगतान संबंधित पंचायत की प्राथमिक जिम्मेदारी है। योजनाओं के कार्य में बाधा पहुंचाने वाले दंडित किए जाएंगे।

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