pm-modi-felicitates-iit-ism-dhanbads

पीएम मोदी ने सम्मानित की IIT-ISM धनबाद की चिप, स्मार्ट ग्लास में होगा इस्तेमाल

Share
Link copied

प्रो. राजीव कुमार रंजन के नेतृत्व में विकसित ASIC चिप रियल टाइम इमेज प्रोसेसिंग और लो-पावर तकनीक के लिए तैयार

धनबाद। स्वदेशी सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन के क्षेत्र में आईआईटी-आईएसएम धनबाद ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्थान के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की टीम द्वारा विकसित ASIC चिप को सम्मानित किया। नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित चिप हैंडओवर समारोह में संस्थान के रिसर्च स्कॉलर राहुल रंजन ने चिप और मेमेंटो प्राप्त किया।

इस समारोह में देश के 20 शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को उनकी चिप डिजाइन और सेमीकंडक्टर अनुसंधान से जुड़ी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

Advertisment
Advertisment

MeitY की परियोजना के तहत विकसित हुई चिप

आईआईटी-आईएसएम धनबाद के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. राजीव कुमार रंजन के नेतृत्व में यह चिप MeitY के वित्तपोषण से संचालित ‘अल्ट्रा-लो पावर असिस्टिव स्मार्ट ग्लास’ परियोजना के तहत विकसित की गई है।

चिप का निर्माण मोहाली स्थित सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी (SCL) में किया गया है। परियोजना का उद्देश्य कम ऊर्जा खपत वाली ऐसी तकनीक विकसित करना है, जिसका इस्तेमाल सहायक स्मार्ट ग्लास जैसे उपकरणों में किया जा सके।

रियल टाइम इमेज प्रोसेसिंग के लिए डिजाइन

विकसित डिजिटल Application-Specific Integrated Circuit (ASIC) को OV7670 कैमरा के साथ रियल टाइम इमेज प्रोसेसिंग के लिए डिजाइन किया गया है। इसका इस्तेमाल कम बिजली खपत वाले कॉम्पैक्ट स्मार्ट ग्लास विकसित करने में किया जा सकता है।

इस तकनीक का संभावित उपयोग केवल स्मार्ट ग्लास तक सीमित नहीं है। शोध दल के अनुसार, चिप की आर्किटेक्चर और प्रोसेसिंग तकनीक का इस्तेमाल—

बायोमेडिकल इमेजिंग,असिस्टिव हेल्थकेयर डिवाइस
वियरेबल सेंसर और स्मार्ट डिवाइस, एज-AI सिस्टम,
लो-पावर इमेज प्रोसेसिंग उपकरण जैसे क्षेत्रों में भी किया जा सकता है।

Advertisment
Advertisment

दृष्टिबाधित लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है तकनीक

असिस्टिव स्मार्ट ग्लास का उद्देश्य दृष्टिबाधित या विशेष जरूरत वाले लोगों को आसपास की वस्तुओं और परिस्थितियों को समझने में सहायता देना है। ऐसे उपकरणों में कम ऊर्जा खपत वाली चिप महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे डिवाइस को अपेक्षाकृत हल्का और पोर्टेबल बनाने के साथ लंबे समय तक इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।

प्रो. राजीव रंजन ने कहा- यह गर्व का क्षण

प्रो. राजीव कुमार रंजन ने कहा कि विभाग की टीम द्वारा तैयार चिप को सेमीकॉन इंडिया 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां युवा शोधकर्ताओं को सेमीकंडक्टर डिजाइन के क्षेत्र में काम करने के लिए प्रेरित करेंगी और भारत के चिप निर्माण एवं डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में योगदान देंगी।

RKDF
ADV

IIT-ISM में हुआ लाइव प्रसारण

सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ है।

उद्घाटन समारोह और चिप हैंडओवर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण आईआईटी-आईएसएम धनबाद के पेनमैन ऑडिटोरियम में किया गया। संस्थान के छात्रों, शिक्षकों और शोधार्थियों ने कार्यक्रम को लाइव देखा।

इस दौरान संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय, डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. संजय मंडल, एसोसिएट डीन (स्टूडेंट वेलबीइंग) प्रो. संजीव आनंद साहू, प्रो. राजीव कुमार रंजन सहित अन्य अधिकारी और फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।

सेमीकंडक्टर रिसर्च में IIT-ISM की बढ़ती भूमिका

आईआईटी-आईएसएम धनबाद की यह उपलब्धि संस्थान के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग में चल रहे सेमीकंडक्टर और वीएलएसआई अनुसंधान को भी रेखांकित करती है। विभाग स्वदेशी प्रोसेसर, लो-पावर इंटीग्रेटेड सर्किट और अन्य चिप डिजाइन तकनीकों पर काम कर रहा है।

विभाग की एक अन्य चिप को सेमीकॉन इंडिया 2025 में भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली थी। नई ASIC चिप की उपलब्धि से यह स्पष्ट होता है कि आईआईटी-आईएसएम धनबाद खनन और पृथ्वी-विज्ञान के अपने पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, VLSI और एज-AI जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों में भी शोध का विस्तार कर रहा है।

ABOUT THE AUTHOR
गोविंद मोदक

गोविंद मोदक

रिपोर्टर

पत्रकार | न्यूज़ रिपोर्टर | मीडिया प्रोफेशनल गोविंद मोदक धनबाद, झारखंड के पत्रकार हैं और उन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अपराध, राजनीति, सामाजिक एवं नागरिक मुद्दों, जनसरोकार और जमीनी स्थानीय खबरों पर रिपोर्टिंग की है। उन्होंने Newz India 24, TV45 Satellite Channel, DHN24, Vande Bharat News, Chanakya News India Jharkhand और Bharatmitra News जैसे मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ कार्य किया है। उनकी पत्रकारिता तथ्यपरक, जिम्मेदार और जमीनी रिपोर्टिंग पर केंद्रित है, जिसमें आम लोगों के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाना शामिल है। मुख्य विशेषज्ञता: अपराध एवं राजनीतिक रिपोर्टिंग • जमीनी पत्रकारिता • सामाजिक एवं नागरिक मुद्दे • जनसरोकार • प्रभावी संवाद एवं नेटवर्किंग