दहकते अंगारों पर चलकर भगवान से कोरोना महामारी से निजात दिलाने को लेकर की गई प्रार्थना.
कोरोना महामारी ने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है और इस महामारी से निजात दिलाने को लेकर लोगों को अधिक अधिक वैक्सीनेशन कराई जा रही है। लेकिन वहीं इस महामारी के बीच आस्था और भक्ति भारी पड़ता नजर आया, भक्त दहकते अंगारों पर चलकर भगवान से इस महामारी से निजात दिलाने को लेकर प्रार्थना की गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
राजधानी रांची से सटे पिठोरिया गांव में शिव मंडा पूजा का आयोजन किया गया. जिसमें श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष मंडा पूजा फीका रहा। वर्षों से धूमधाम से मनाई जाने वाली परंपरा पिछले 2 वर्षों से टूट गई है। मंडा पूजा में शिव भक्त नंगे पांव दहकते अंगारे पर चल कर अपनी आस्था का परिचय दिया और शारीरिक दूरी बनाकर पुजारी पितांबर गोस्वामी और मंटू गोस्वामी ने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर पूजा को संपन्न कराया, और भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती से गांव और इस राज्य या महामारी समाप्त हो इसको लेकर प्रार्थना की गई।

आग में चलने की परम्परा को लेकर मांडा पूजा के पुजारी मंटू गोस्वामी ने बताया कि यह परम्परा सदियों से चला आ रहा है, दहकते अंगारो पर चलकर भक्त अपने भक्ति का परिचय देते हैं। इस बार मंडा पूजा में भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती से महामारी निजात दिलाने को लेकर प्रार्थना की गई, वही आयोजन समिति के ब्रजकिशोर साहू ने कहा कि लोकपर्व मंडा पूजा हर साल धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन पिछले दो वर्षों से यह पर्व सादगी के साथ मनाया जा रहा है यह पर्व अच्छी बारिश, खेत-बारी और समृद्धि के लिए मनाया जाता है। मंडा पर्व के भक्त आराध्य भगवान भोले शंकर की पूजा अर्चना करते हैं।

















