रायगढ़ तमनार हिंसा: महिला पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ने के मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने निकाला अपमानजनक जुलूस

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रायगढ़ तमनार हिंसा: महिला  पुलिसकर्मी  की वर्दी फाड़ने के मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने निकाला अपमानजनक जुलूस

रायगढ़ तमनार हिंसा: महिला पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ने के मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने निकाला अपमानजनक जुलूस

रायगढ़, : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) की कोयला खदान के विरोध में 27 दिसंबर 2025 को हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिस आरक्षक के साथ हुई बर्बरता के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी चित्रसेन साव सहित अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

रायगढ़ तमनार हिंसा: महिला पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ने के मुख्य आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने निकाला अपमानजनक जुलूस

घटना का विवरण

27 दिसंबर को तमनार के लिब्रा चौक पर कोयला खदान आवंटन और जनसुनवाई के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़े, पथराव किया और कई पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया। इस हिंसा में एक महिला आरक्षक को करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया गया। खेत में गिरने पर उग्र भीड़ ने उनकी वर्दी फाड़ दी, जिससे वे अर्धनग्न हो गईं। वायरल वीडियो में महिला आरक्षक रोते-बिलखते हाथ जोड़कर “भाई छोड़ दो” की गुहार लगाती नजर आ रही हैं।इस घटना के अलावा तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने तीन वाहनों में आग भी लगाई थी।

पुलिस की कार्रवाई

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया। अब तक छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें मुख्य आरोपी चित्रसेन साव (झरना गांव निवासी) भी शामिल है। गिरफ्तारी के बाद महिला पुलिसकर्मियों ने आरोपी को चप्पलों की माला पहनाकर, मुंह पर लिपस्टिक लगाकर और अपमानजनक नारे लगवाकर जुलूस निकाला। पुलिस ने साफ संदेश दिया कि “वर्दी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”।रायगढ़ एसपी ने कहा कि जांच जारी है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी घटना की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

यह आंदोलन गारे पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान के लिए 8 दिसंबर 2025 को हुई जनसुनवाई के विरोध में चल रहा था। प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीणों का आरोप है कि जनसुनवाई नियमों के खिलाफ हुई। हिंसा के बाद जिंदल पावर ने जनसुनवाई निरस्त करने का आवेदन कर दिया है।यह घटना महिला सुरक्षा और पुलिसकर्मियों पर हमलों के मुद्दे को फिर से उजागर करती है, जिसकी पूरे प्रदेश में निंदा हो रही है। पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की है।

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