6 महीने बाद आम लोगों के लिए खुला मां छिन्नमस्तिका मंदिर रजरप्पा

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आकाश शर्मा रामगढ़——
रजरप्पा विश्व प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिका मंदिर रजरप्पा कोरोना संक्रमण के दौरान पिछले साढे छह महीनों से बंद रहने के बाद 8 अक्टूबर को आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। मंदिर में आम श्रद्धालुओं को खोलने के बाद स्थानीय विधायक ममता देवी ने मंदिर जाकर पूजा अर्चना किया। पूजा अर्चना के बाद मंदिर के पुजारियों के साथ मंदिर परिसर में स्थित पंचवटी में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुजारियों ने विधायक ममता देवी को कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए गाइडलाइंस ने कुछ ऐसी निर्देश हैं। जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी हो रही है। श्रद्धालुओं को सुबह में एक घंटे के लिए बलि देने का आदेश मिला है। यह कहीं से भी जायज नहीं है। सुबह से आए श्रद्धालु बलि देने के लिए 5 से 6 घंटे तक कैसे इंतजार करेंगे। उनके साथ महिलाएं बच्चे होते हैं। श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पूजा करने के लिए 200 खर्च करने पड़ेंगे। ऐसे में लोग मंदिर कैसे आएंगे। पुजारियों ने विधायक से कहा कि अगर गाइडलाइंस में थोड़ी सी बदला हो जाती है तो श्रद्धालुओं को काफी आराम होगा। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। पुजारियों ने विधायक ममता देवी से स्पष्ट कर दिया कि अगर दिशानिर्देश में बदलाव नहीं किया गया तो हम लोग मंदिर बंद कर देंगे। पिछले 6 महीने से हम लोगों की स्थिति काफी खराब हो गई है। क्षेत्र के सभी दुकानदार बुरे स्थिति से गुजर रहे हैं। लोगों के सामने खाने पीने तक की समस्याएं उत्पन्न हो गई है। ऐसे में यहां के प्रशासन को सोचना समझना पड़ेगा। मुख्यमंत्री से आज मिलेंगी विधायक ममता देवी स्थानीय पुजारियों एवं अन्य लोगों की बात सुनने के बाद विधायक ममता देवी ने कहा कि आप लोगों की बातें जायज है। जिला प्रशासन मनमानी कर रहा है। मंदिर के लिए आयोजित बैठक की जानकारी मुझे भी नहीं दी गई। प्रशासन का जो रुख है वह अच्छा नहीं है। पिछले 6 महीने से परेशान पुजारी और दुकानदार प्रशासन के बेरुखी से भूखे मरने के कगार पर पहुंच गए हैं। ममता देवी ने कहा कि मैं आज ही मुख्यमंत्री से मिलकर यहां के लोगों की समस्याओं का समाधान करूंगी। पूरे क्षेत्र में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दिया गया है। आम लोगों को मंदिर पहुंचने के लिए अपने वाहनों को लगभग 2 किलोमीटर पहले ही खड़ा करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं को इससे काफी परेशानी हो रही है।

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