Ranchi police

Ranchi police:ग्राम सभा से अनुमति ना ले कर गांव में घुसे पुलिसवालो को ग्रामीणों ने डेढ़ घंटे तक बनाया बंधक

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झारखण्ड पुलिस के लिए और राज्य सरकार के लिए एक मुश्किल और असहज कर देने वाली खबर सामने आयी है दरअसल ग्रामसभा से परमिशन ना ले कर गांव में घुसकर नक्सलियो को पकडने गयी रांची पुलिस को ग्रामीणों ने करीब डेढ घंटे तक बंधक बनाया यह मामला जिला के सदर थाना क्षेत्र का है जहां ग्रामीणों ने नामकुम पुलिस को बंधक बनाया.

जानकारी के अनुसार, पुलिस को जिले के डुमरदगा में एक उग्रवादी का लोकेशन मिला था जिसे पकडने के लिए नामकुम पुलिस एख टीम गठित कर सिविल ड्रेस में वहा पहुची थी. टीम में एसआई रवि केशरी, बबलू कुमार शामिल थे. गाव पुहंचने के बाद पुलिस की टीम एक घर में गई जहा उन्होंने एक महिला से मोबाइल छीना. इसपर हो-हल्ला मचने लगा. जिसे सुनकर गांव के अन्य ग्रामीण भी वहां पंहुच गए. जिसके बाद ग्रामीणों उन्हें पकड़कर बंधक बना लिया. मौके पर ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने जबरन घर में घुसकर महिला से मोबाइल छीनने की कोशिश की और दुर्व्यवहार भी किया. वहीं ग्रामीणों को देखकर पुलिस कर्मी वहां से खिसकने की कोशिश करने लगे. जिससे ग्रामीण उग्र हो गए.

ग्रामीणों की भीड़ पास आती देख पुलिस की टीम वहां से खिसने लगी. कुछ पुलिस कर्मी गाड़ी में बैठ गए लेकिन कुछ हडबडी में गाड़ी में नहीं बैठ पाए. जिसके बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया. काफी देर तक ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों को घेरे रखा उनसे यह जानने की कोशिश की. कि उनका गांव आने का कारण क्या है. ग्रामीणों के मुताबिक वे पुलिस की टीम से मामले की जानकारी मांग रहे थे. मगर वे सिर्फ इतना ही बता पाएं कि उन्हें किसी मामले में इनके मोबाइल फोन का लोकेशन मिला है.

वहीं पुलिस कर्मियों को बंधक बनाए जाने की सूचना के बाद मौके पर खूंटी और कर्रा थाना पुलिस डुमरदगा पहुंची. जहां पुलिस ने गांव के पंचायत प्रतिनिधियों को काफी समझाने बुझाने की कोशिश की. जिसके काफी देर बाद ग्रामीणों ने उन्हें जाने दिया. जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने पुलिस के गांव आने का कारण लिखवाया और उनका हस्ताक्षर भी कराया इसके बाद ही उन्हें वहां से जाने दिया गया.

 

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