धनबाद मे बढ़ता क्राइम : मेयर संजीव सिंह ने बाघमारा को बताया ‘हॉट स्पॉट’, प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग
धनबाद: कोयलांचल धनबाद में कोयला और लोहा कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई अब हिंसक मोड़ ले चुकी है। पिछले तीन दिनों के भीतर जिले में हुई लगातार तीन गोलीबारी की घटनाओं ने आम जनमानस में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। इसे देखते हुए धनबाद के मेयर एवं पूर्व विधायक संजीव सिंह ने बाघमारा को जिले का ‘हॉट स्पॉट’ घोषित करते हुए प्रशासन पर निशाना साधा है।
तीन दिनों में तीन वारदातों से सहमा धनबाद
जिले में बीते 72 घंटों के दौरान आपराधिक घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है:
बाघमारा: कोयला कारोबार पर कब्जे को लेकर दो अलग-अलग स्थानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई।
झरिया: जामाडोबा इलाके में लोहा कारोबार में वर्चस्व को लेकर हुई गोलीबारी ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक संरक्षण में पल रहे अपराधी” – मेयर संजीव सिंह
मेयर संजीव सिंह ने स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक और सामाजिक तत्व अपने समर्थकों का इस्तेमाल कर क्षेत्र में अशांति फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, “बाघमारा में लंबे समय से सुनियोजित तरीके से लोगों को आपस में भिड़ाया जा रहा है, जिसका सीधा असर जिले की शांति व्यवस्था पर पड़ रहा है।”
उन्होंने चर्चित शुभम यादव हत्याकांड का जिक्र करते हुए प्रशासन को फिर से आगाह किया। मेयर ने कहा कि उन्होंने पहले भी चेताया था कि धनबाद की शांति के लिए बाघमारा की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना अनिवार्य है।
प्रशासन से की कड़ी कार्रवाई की मांग
मेयर संजीव सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मांगें की हैं कि..
1. शुभम यादव हत्याकांड: आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
2. ठोस रणनीति: बाघमारा में फैली अराजकता को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन तत्काल सख्त कदम उठाए।
3. सख्ती की आवश्यकता: उपद्रवियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो हिंसा का यह दौर जिले के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
लगातार हो रही इन घटनाओं ने धनबाद जिला प्रशासन के समक्ष कानून-व्यवस्था बनाए रखने की एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है। स्थानीय लोग अब खुलकर सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, प्रभावित इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है, लेकिन अपराधियों के हौसले पस्त करना प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा बन गई है।
















