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झारखण्ड के वरिष्ठ नेता समशेर सिंह (samresh singh) उर्फ़ दादा का निधन

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झारखण्ड के बोकारो जिले से दुखद खबर आई है। बीमार चल रहे पूर्व विधायक समरेश सिंह का निधन हो गया है। बताया जाता है की उन्होंने अपने बोकारो के पैतृक आवास पर करीब 6.30 बजे अंतिम साँस ली। झारखण्ड के राजनीति में पीरा से उन्हें लोग दादा कहते है। समरेश सिंह लंबे समय से बीमार थे। खबर सुनने के बाद उनके घर पर नेताओ और उनके प्रसंशको का जमावड़ा शुरू हो गया है। उनके अंतिम दर्शन करने के लिए जामताड़ा के विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी, बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो और बोकारो विधायक बिरंचि नारायण भी उनके आवास पहुंचे। जहां उन्होंने समरेश सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। सभी नेताओं ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि समरेश सिंह का जैसा ना कोई नेता हुआ है और ना आगे भविष्य में होगा। क्योंकि उन्होंने गरीब, कमजोर, दलित, पिछड़ों, विस्थापित और मजदूरों के लिए हमेशा लड़ाई लड़ी और उनका साथ दिया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शोक व्यक्त किया

झारखण्ड के वरिष्ठ नेता समशेर सिंह (samresh singh) उर्फ़ दादा का निधन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर पूर्व विधायक समरेस सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि समरेस सिंह के निधन की खबर से आहक हुं। परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को दु:ख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे। समरेस सिंह के पार्थिव शरीर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।

पैतृक गांव देबुलटांड़ में होगा समरेश सिंह अंतिम संस्कार
बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो ने कहा कि समरेश सिंह उनके लिए भगवान और एक गुरु के समान थे। जिन का क़र्ज़ कभी अदा नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि समरेश सिंह राष्ट्रीय सम्मान के हकदार हैं। उनका राष्ट्रीय सम्मान के साथ विदाई होनी चाहिए। उन्होंने नया मोड़ में समरेश सिंह की प्रतिमा स्थापित कर नया मोड़ उनके नाम से नामकरण करने की घोषणा की है। उनका अंतिम संस्कार चंदनकियारी प्रखंड में समरेश के पैतृक गांव देबुलटांड़ में होगा। उनके बड़े पुत्र राणा प्रताप भी अमेरिका से आ चुके है।

 

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