Saraikela Vatsalya Girls' Home: Case of Two Missing Minor Girls

सरायकेला वात्सल्य बालिका गृह 2 नाबालिग लड़कियां गायब मामला, 48 घंटे बाद भी सुराग नहीं, प्रशासन पर उठे सवाल

Saraikela Vatsalya Girls' Home: Case of Two Missing Minor Girls

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नीरज तिवारी 

सरायकेला-खरसावां: जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र स्थित ‘वात्सल्य बालिका गृह’ से दो नाबालिग लड़कियों के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया है। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। इस घटना ने जिला प्रशासन और बालिका गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात वात्सल्य बालिका गृह से दो नाबालिग लड़कियां चुपचाप बाहर निकल गईं। इनमें से एक लड़की जमशेदपुर के पटमदा थाना क्षेत्र की, जबकि दूसरी कुचाई थाना क्षेत्र की रहने वाली है। घटना की जानकारी मिलते ही सीडब्ल्यूसी (CWC) अधिकारी संतोष कुमार ने गम्हरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

यह बालिका गृह उस समय विवादों में आ गया है, जब इसका उद्घाटन हुए अभी महज डेढ़ महीने ही बीते हैं। इसका उद्घाटन 15 अप्रैल को उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह द्वारा किया गया था। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि उद्घाटन के समय बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। घटना के बाद अब परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर पहले की प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।

अधिकारियों की चुप्पी पर आक्रोश

बुधवार को एसपी निधि द्विवेदी ने गम्हरिया थाना पहुंचकर मामले की जानकारी ली, लेकिन उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी। वहीं, गुरुवार को मामले की जांच के लिए पहुंचीं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर ने भी सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। आला अधिकारियों की इस चुप्पी से मामले को लेकर संशय और बढ़ता जा रहा है।

पुलिस की जांच जारी

सीडब्ल्यूसी की ओर से यह जानकारी दी गई है कि इनमें से एक लड़की को उसके कथित प्रेमी के साथ देखे जाने की सूचना मिली है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। गम्हरिया पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन अब तक बच्चियों का कोई अता-पता नहीं चल पाया है।

जाहिर है संवेदनशील संस्था से नाबालिगों का इस तरह गायब हो जाना सुरक्षा तंत्र की विफलता है। स्थानीय लोग अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि आखिर सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

 

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