समधी-समधन का सीक्रेट रोमांस ! ड्राइवर पति को पत्नी ने "धोखे की हाईवे" भेज दिया , सोशल मीडिया में खूब चर्चा

समधी-समधन का सीक्रेट रोमांस ! ड्राइवर पति को पत्नी ने “धोखे की हाईवे” भेज दिया , सोशल मीडिया में खूब चर्चा

Author drishtinow | Edited by drishtinow
Updated: Sat, 19 Apr 2025 08:12 AM (IST)
 उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के दातागंज क्षेत्र से  एक ऐसा मामला है, जो सामाजिक रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार, बल्कि पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है।  दरअसल इस इलाके में समधी अपने समधन को लेकर फरार हो गया है । अब सोशल मीडिया में इसके खूब चर्चे है 
क्या है पूरा मामला?
बदायूं के दातागंज इलाके में रहने वाले सुनील कुमार, पेशे से ट्रक ड्राइवर, अपनी जिंदगी में सड़कों पर मीलों का सफर तय करते हैं। घर से महीनों दूर रहने वाले सुनील का बस एक ही सपना था—अपनी मेहनत से परिवार को खुशहाल रखना। लेकिन उनकी पत्नी ममता उर्फ विमला ने उनके इस सपने को ऐसा झटका दिया कि अब पूरा मोहल्ला और सोशल मीडिया इसकी चर्चा में डूबा है।
ममता ने अपने ही परिवार के रिश्तों को शर्मसार करते हुए अपनी बेटी के ससुर, यानी अपने समधी शैलेंद्र उर्फ बिल्लू के साथ प्रेम कहानी शुरू कर दी। जी हां, आपने सही पढ़ा—अपनी बेटी का ससुर! और यह कोई छोटी-मोटी मुलाकातें नहीं थीं। ममता ने सुनील की गैरहाजिरी का पूरा फायदा उठाया और शैलेंद्र के साथ ऐसा रिश्ता बनाया कि आखिरकार घर का सारा सामान, नगदी, और जेवरात पैक करके उसके साथ फरार हो गई। अब सुनील और उनके चार बच्चे सदमे में हैं, और मोहल्ले वाले इस “लव स्टोरी” पर तरह-तरह की बातें बना रहे हैं।
कैसे खुला राज?
सुनील के बेटे सचिन ने इस रिश्ते की पोल खोलते हुए जो बताया, वह किसी थ्रिलर फिल्म का सीन लगता है। सचिन के मुताबिक, ममता अक्सर शैलेंद्र को घर बुलाती थीं। बच्चे अगर आसपास होते, तो उन्हें जबरन दूसरे कमरे में भेज दिया जाता। अब भला बच्चे क्या समझें कि मां और समधी जी कौन सा “पारिवारिक मसला” सुलझा रहे हैं? यह सिलसिला इतना लंबा चला कि ममता ने एक दिन टेंपो मंगवाया, घर का सारा जरूरी सामान लादा, और शैलेंद्र के साथ रफूचक्कर हो गई।
पड़ोसियों ने भी इस ड्रामे में मसाला डाला। पड़ोसी अवधेश कुमार ने बताया कि ममता रात के अंधेरे में शैलेंद्र को बुलाती थीं, और वह सुबह तड़के निकल लेता था। चूंकि शैलेंद्र रिश्तेदार था, किसी को शक नहीं हुआ। मोहल्ले वाले तो शायद सोचते होंगे कि समधी जी कोई पुण्य का काम करने आते हैं! लेकिन जब ममता सामान समेटकर भाग गई, तब सबके होश उड़े। अब मोहल्ले में बस एक ही सवाल है—यह सब इतने सालों तक कैसे छिपा रहा?
पीड़ित पति और पुलिस का रोल
सुनील, जो ट्रक की स्टीयरिंग थामे अपनी जिंदगी की गाड़ी चला रहे थे, को इस “धोखे की हाईवे” की खबर ने तोड़कर रख दिया। बेचारे ने थाने में शैलेंद्र के खिलाफ प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। अब पुलिस भी इस अनोखे केस में उलझी हुई है। क्षेत्राधिकारी के.के. तिवारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। 
  • समाज पर क्या असर?
  • यह घटना सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि समाज में रिश्तों की बदलती परिभाषा और विश्वास के टूटने का प्रतीक है। ममता के इस कदम ने मां-बेटी, पति-पत्नी, और समधी-संधन जैसे रिश्तों को एक नया और शर्मनाक आयाम दिया है। बच्चों का भविष्य, सुनील की मेहनत, और परिवार की इज्जत—सब कुछ इस “प्रेम कहानी” की भेंट चढ़ गया। और हां, मोहल्ले वालों को अब गपशप का नया मसाला मिल गया है, जो शायद महीनों तक चलेगा।
  • नोट : – यह खबर वायरल सोशल मीडिया से उठाई गई है
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