एसआईआर: 22 जुलाई को एएसडीडी सूची पर अंतिम फैसला, पात्र मतदाताओं का नाम न छूटे – मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी

रांची: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। किसी भी गैर-भारतीय को इस प्रक्रिया में भाग नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत दंडनीय अपराध है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लोहरदगा में आयोजित बीएलओ एवं बीएलए-2 की बैठक और चुनाव पाठशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर द्वितीय बीएलओ एवं बीएलए-2 बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। अब 22 जुलाई को तीसरी और अंतिम बैठक होगी, जिसमें एएसडीडी (ASDD) सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची के साथ एएसडीडी सूची का भी प्रकाशन किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी बीएलओ और बीएलए-2 को निर्देश दिया कि वर्तमान मतदाता सूची के किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने कहा कि एएसडीडी सूची तैयार करते समय पूरी सावधानी और पारदर्शिता बरती जाए।
उन्होंने बताया कि एएसडीडी सूची में पांच श्रेणियों के मतदाताओं को शामिल किया गया है—डुप्लीकेट प्रविष्टि, मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित/अप्राप्य तथा विदेशी नागरिक। इन श्रेणियों के मामलों का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।

के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि किसी गैर-भारतीय को इन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त होता है तो वह बिना हस्ताक्षर किए उचित कारण लिखकर बीएलओ को लौटा दें। झूठी घोषणा कर फॉर्म पर हस्ताक्षर करना कानून के तहत दंडनीय अपराध है।
लोहरदगा दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कई मतदान केंद्रों पर आयोजित बीएलओ एवं बीएलए-2 बैठक और चुनाव पाठशाला में भाग लेकर तैयारियों की समीक्षा की तथा अधिकारियों, बीएलओ, बीएलए-2, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों से संवाद किया।
















