supreme Court

झारखंड हाई कोर्ट का फैसला सुप्रीम ( Supreme court )कोर्ट ने पलटा हेमन्त सोरेन को बड़ी राहत

 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Supreme court

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है । सुप्रीम कोर्ट ने दर्ज PIL को मेंटनेबल नही माना है । गौरतलब है झारखंड हाई कोर्ट ने इस PIL को मेंटनेबल माना था जिसके बाद हेमन्त सोरेन के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर किया था जिसकी आज सुनवाई हुई जिसमें कोर्ट का यह फैसला आया की मामला सुनवाई योग्य ही नही है । अब हेमन्त सोरेन को बड़ी राहत मिली है । अब शेल कंपनियों और अवैध खनन की नहीं होगी सीबीआई जांच। क्योंकि अब हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई नही होगी ।

सपना के सपने में पंख जरूर लगेंगे, उड़ान भरेगी झारखंड ( Jharkhand ) की बेटी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह तय हो गया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में दायर PIL सुनवाई योग्य नहीं है. झारखंड हाई कोर्ट केआदेश के खिलाफ झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सुधांशु धुलिया की बेंच ने फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ी राहत मिली है.

VHP हितचिंतक अभियान में समाज के सभी जाति, मत, पंथ, संप्रदाय के जोड़ें जाएंगे 5 लाख हिंदू  वीरेंद्र विमल

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया है।हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका को मेंटेनेबल माना था ।सुप्रीम कोर्ट ने 17 अगस्त को हेमंत सोरेन और राज्य सरकार की अपील याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था ।
सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ गलत तरीके से खनन लीज आवंटित करने और  उनके करीबियों द्वारा शेल कंपनी में निवेश का आरोप लगाते हुए शिवशंकर शर्मा ने झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी ।

INCOME TAX RAID : विभाग की छापेमारी का दूसरा दिन रुपयों से भरा बैग मिला बेनामी सम्पतियो के कागजात !

राज्य सरकार और सीएम हेमंत सोरेन ने इस याचिका की वैधता को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी । हाईकोर्ट ने इसकी सुनवाई करते हुए दोनों याचिकाओं को सुनवाई के योग्य माना था। बाद में सरकार और हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय पर जहा एक ओर झा मु मो सहित सत्ता पक्ष के सदस्य मे खुशी की लहर व्याप्त है वही दूसरी विपक्षी दल मे निराशा हताशा व्याप्त है।

Share via
Share via