Ranchi: Rs 115-crore land scam in Mandar exposed.

मांडर जमीन घोटाला: 14.34 एकड़ सरकारी जमीन मामले की जांच अब ईडी (ED) करेगी, मची खलबली

Share
Link copied
Ranchi: Rs 115-crore land scam in Mandar exposed.
पीड़िता..

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के मांडर अंचल में हुए एक बड़े जमीन घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हाथों में सौंप दी गई है। यह मामला 14.34 एकड़ बेशकीमती सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से निजी नाम पर दर्ज कराने से जुड़ा है। ईडी अब इस मामले को पहले से दर्ज ईसीआईआर (ECIR) के दायरे में शामिल करेगी।

क्या है पूरा मामला?

आरोप है कि मांडर के मौजा हेसमी स्थित खाता संख्या 152 और प्लॉट संख्या 1163 की ‘गैरमजरुआ’ सरकारी जमीन को सुनियोजित तरीके से जालसाजी कर राजस्व पंजी-2 (Register-2) में नारायण मिस्त्री के नाम पर दर्ज कर दिया गया। मामले के उजागर होने के बाद अंचल अधिकारी (CO) चंचला कुमारी ने राजस्व कर्मचारी पुना उरांव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए डीसी मंजूनाथ भजंत्री को पत्र लिखा है। हालांकि, स्पष्टीकरण मांगे जाने पर संबंधित कर्मचारी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

दावेदार महिला ने लगाए गंभीर आरोप

इस जमीन को लेकर एक नया मोड़ तब आया जब मांडर निवासी सरोज लकड़ा ने अपना दावा पेश किया। सरोज लकड़ा ने बताया कि यह जमीन 1939 में उनके दादा ससुर ने खरीदी थी और तब से उनके पति राजेश जेराल्ड एक्का के नाम पर रसीद कट रही है। सरोज लकड़ा ने आरोप लगाया कि इस पूरी जालसाजी में केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि बड़े अधिकारी भी शामिल हैं। उन्होंने मामले की उच्च-स्तरीय जांच की मांग करते हुए अदालत जाने की चेतावनी दी है।

प्रशासन की स्पष्ट राय: ‘जालसाजी से मालिकाना हक नहीं’

उप समाहर्ता प्रवीण कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर या जालसाजी कर किसी व्यक्ति का नाम दर्ज भी कर दिया जाता है, तो भी उसे उस भूमि पर कोई वैध मालिकाना हक प्राप्त नहीं होता है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ऐसी फर्जी जमाबंदी को रद्द किया जा सकता है। डीसीएलआर (DCLR) या अपर समाहर्ता के पास इसे समाप्त करने का पूर्ण अधिकार है।

आगे क्या हो सकता है समझिये ..

ईडी की सक्रियता: ईडी की जांच से उन तमाम लोगों पर शिकंजा कसेगा जिन्होंने मिलीभगत कर सरकारी संपत्ति को निजी संपत्ति बनाने की कोशिश की।

पंजी-2 से नाम हटना तय: प्रशासन अब नारायण मिस्त्री का नाम सरकारी दस्तावेजों से हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

न्यायिक हस्तक्षेप: मामले में सरोज लकड़ा के कोर्ट जाने की घोषणा के बाद अब यह मामला कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ चुका है।

Also Read :

 

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।