खैबर पख्तूनख्वा में LeT के टॉप कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की गोली मारकर हत्या, हमलावरों का अब तक नहीं मिला कोई सुराग

पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा से एक बड़ी खबर सामने आई है। खैबर जिले के लांडी कोटल इलाके में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शीर्ष कमांडर और कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत (ISIS-K) के लिए भर्ती करने वाले शेख यूसुफ अफरीदी की अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
घटना कैसे हुई?
सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने लांडी कोटल में अफरीदी पर अचानक हमला करते हुए अंधाधुंध फायरिंग की। गंभीर रूप से घायल अफरीदी की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
कौन था शेख यूसुफ अफरीदी?
शेख यूसुफ अफरीदी खैबर क्षेत्र के ज़खा खेल जनजाति का एक प्रभावशाली सदस्य माना जाता था। वह अहले हदीस (सलाफी) विचारधारा से जुड़ा हुआ था और धार्मिक विद्वान के रूप में पहचान रखता था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, वह केवल धार्मिक चेहरा नहीं था, बल्कि आतंकी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
वह लश्कर-ए-तैयबा के भीतर एक अहम पद पर था साथ ही इस्लामिक स्टेट (ISIS) के लिए लड़ाकों की भर्ती में शामिल था आरोप है कि वह खैबर पख्तूनख्वा से युवाओं को भर्ती कर अफगानिस्तान भेजता था।
हत्या के पीछे क्या वजह?
फिलहाल इस हत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञ इसे कई संभावित कारणों से जोड़कर देख रहे हैं, जिनमें आतंकी संगठनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई, तालिबान और ISIS के बीच जारी संघर्ष, स्थानीय स्तर पर आपसी रंजिश या बदले की कार्रवाई हो सकती है।
क्षेत्र में क्या असर?
अफरीदी को पारंपरिक आतंकी संगठनों और उभरते नेटवर्क के बीच एक कड़ी माना जाता था। ऐसे में उसकी मौत को आतंकी ढांचे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
















