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Update : IIT-ISM धनबाद में फाइनल ईयर छात्र की मौत, हॉस्टल में मिला मृत; पांच साल में 23 IIT में 45 छात्रों की आत्महत्या

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धनबाद: देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शामिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम) धनबाद में शनिवार को एक छात्र की मौत से परिसर में शोक और चिंता का माहौल है। पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र प्रतीक राजकुमार की हॉस्टल की आठवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद संस्थान प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुट गए हैं। मृतक छात्र महाराष्ट्र के अहमदपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। घटना के बाद उसे तत्काल धनबाद के अशर्फी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Update : IIT-ISM धनबाद में फाइनल ईयर छात्र की मौत, हॉस्टल में मिला मृत; पांच साल में 23 IIT में 45 छात्रों की आत्महत्या

हॉस्टल में हुई घटना, जांच में जुटी पुलिस

जानकारी के अनुसार, छात्र संस्थान के 15 मंजिला हॉस्टल में रह रहा था। शनिवार सुबह हुई घटना के बाद हॉस्टल परिसर में अफरातफरी मच गई। संस्थान के अधिकारी और सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे।घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्र के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस छात्र के दोस्तों, हॉस्टल के आसपास मौजूद लोगों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से जानकारी जुटा रही है। जांच के बाद ही घटना के कारणों का पता चल सकेगा।

Update : IIT-ISM धनबाद में फाइनल ईयर छात्र की मौत, हॉस्टल में मिला मृत; पांच साल में 23 IIT में 45 छात्रों की आत्महत्या

पांच साल में 23 IIT में 45 छात्रों की आत्महत्या

आईआईटी धनबाद की घटना ने देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में छात्रों की मानसिक सेहत और शैक्षणिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश के 23 आईआईटी में शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच कुल 45 छात्रों की आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए। इनमें 28 छात्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित थे। यह कुल मामलों का 62 प्रतिशत से अधिक है।आंकड़ों के मुताबिक, 2022-23 में छह छात्रों की आत्महत्या दर्ज की गई थी। वहीं, 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 16 हो गई। 2024-25 में 13 छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आए।

IIT हैदराबाद में सबसे अधिक मामले

पांच साल के आंकड़ों में आईआईटी हैदराबाद में सबसे अधिक सात छात्रों की आत्महत्या दर्ज की गई।

संस्थानवार आंकड़ों के अनुसार:

– आईआईटी हैदराबाद: 7 मामले
– आईआईटी खड़गपुर: 6 मामले
– आईआईटी दिल्ली: 6 मामले
– आईआईटी कानपुर: 6 मामले
– आईआईटी मद्रास: 5 मामले
– आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी: 4 मामले

इसी अवधि में आईआईटी परिसरों में आठ अन्य अप्राकृतिक मौतें भी दर्ज की गईं। इन्हें आत्महत्या के 45 मामलों से अलग रखा गया है। इस प्रकार पांच साल में कुल 53 छात्रों की मौत दर्ज की गई।

देशभर में भी बढ़ रही छात्र आत्महत्या की चिंता

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में देशभर में 14,488 छात्रों की आत्महत्या दर्ज की गई, जबकि 2023 में यह संख्या 13,892 थी।वर्ष 2014 से 2024 के बीच छात्र आत्महत्या के मामलों में लगभग 80 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।

मानसिक स्वास्थ्य और कैंपस सपोर्ट सिस्टम पर सवाल

आईआईटी जैसे संस्थानों में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। इसके बाद पढ़ाई, परीक्षा, भविष्य की नौकरी और व्यक्तिगत परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आती हैं।हालांकि, किसी विशेष घटना के पीछे तनाव या शैक्षणिक दबाव को कारण मानने से पहले जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है।आईआईटी-आईएसएम धनबाद में हुई छात्र की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों को पर्याप्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता, नियमित काउंसलिंग और कठिन परिस्थितियों में सहयोग मिल पा रहा है।फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है। छात्र की मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

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गोविंद मोदक

गोविंद मोदक

रिपोर्टर

पत्रकार | न्यूज़ रिपोर्टर | मीडिया प्रोफेशनल गोविंद मोदक धनबाद, झारखंड के पत्रकार हैं और उन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अपराध, राजनीति, सामाजिक एवं नागरिक मुद्दों, जनसरोकार और जमीनी स्थानीय खबरों पर रिपोर्टिंग की है। उन्होंने Newz India 24, TV45 Satellite Channel, DHN24, Vande Bharat News, Chanakya News India Jharkhand और Bharatmitra News जैसे मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ कार्य किया है। उनकी पत्रकारिता तथ्यपरक, जिम्मेदार और जमीनी रिपोर्टिंग पर केंद्रित है, जिसमें आम लोगों के मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाना शामिल है। मुख्य विशेषज्ञता: अपराध एवं राजनीतिक रिपोर्टिंग • जमीनी पत्रकारिता • सामाजिक एवं नागरिक मुद्दे • जनसरोकार • प्रभावी संवाद एवं नेटवर्किंग