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गुमला में दिव्यांगजनों के लिए लगा चलंत न्यायालय, प्रमाण पत्र और सहायक उपकरण बांटे गए

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निर्मल सिंह 

गुमला: दिव्यांगजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से शनिवार को नगर भवन, गुमला में एक दिवसीय चलंत न्यायालय-सह-जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग तथा राज्य निःशक्तता आयुक्त कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर का उद्घाटन राज्य निःशक्तता आयुक्त कीर्तिश्री, उपायुक्त दिलेश्वर महतो, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन और सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर किया।

शिविर में मेडिकल बोर्ड के माध्यम से दिव्यांगता प्रमाण पत्र से जुड़ी विसंगतियों का मौके पर समाधान किया गया। साथ ही योग्य लाभुकों के बीच दिव्यांगता प्रमाण पत्र, पेंशन स्वीकृति पत्र और सहायक उपकरण वितरित किए गए। विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाकर दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

गुमला में दिव्यांगजनों के लिए लगा चलंत न्यायालय, प्रमाण पत्र और सहायक उपकरण बांटे गए

मौके पर राज्य निःशक्तता आयुक्त कीर्तिश्री ने कहा कि दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का त्वरित निष्पादन सरकार की प्राथमिकता है। उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राजधानी तक नहीं जाना पड़े, इसी उद्देश्य से जिले में चलंत न्यायालय आयोजित किया जा रहा है। उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि दिव्यांगजनों को सहानुभूति नहीं, बल्कि अवसर और सहयोग की जरूरत है। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी योग्य लाभुक सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।

गुमला में दिव्यांगजनों के लिए लगा चलंत न्यायालय, प्रमाण पत्र और सहायक उपकरण बांटे गए

उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने बताया कि नए दिव्यांगता अधिनियम के तहत दिव्यांगता की श्रेणियां 7 से बढ़ाकर 21 की गई हैं। 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता पर प्रमाण पत्र के माध्यम से शिक्षा, रोजगार और परिवहन सहित विभिन्न क्षेत्रों में लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि गुमला सदर अस्पताल में प्रत्येक बुधवार को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था है। अधिकारियों के अनुसार, जिले में कुल 12,374 दिव्यांगजन चिह्नित हैं, जिनमें से 11,586 को प्रतिमाह एक हजार रुपये पेंशन दी जा रही है।

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Drishti Now Desk

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