स्वर्णिम भारत एक्सपो 2025: आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में एक भव्य कदम

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रांची : स्वर्णिम भारत एक्सपो 2025 का भव्य शुभारंभ आज रांची में झारखंड के माननीय राज्यपाल श्री संतोष गंगवार जी के कर कमलों द्वारा हुआ। परिचित फ़ाउंडेशन द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन का उद्देश्य माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और विकसित भारत@2047 के संकल्प को साकार करना है।

स्वर्णिम भारत एक्सपो 2025: आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में एक भव्य कदम

उद्घाटन समारोह में राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा की अनुपस्थिति के बावजूद उनके मार्गदर्शन में कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वे 22 अगस्त को इस आयोजन में शामिल होकर आगंतुकों और प्रतिभागियों से संवाद करेंगे।

स्वर्णिम भारत एक्सपो 2025: आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में एक भव्य कदम

उद्घाटन सत्र में कई गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की, जिनमें राज्यपाल संतोष गंगवार, प्रो. (डॉ.) जेगनाथन चोक्कालिंगम, कुलपति, सरला बिड़ला विश्वविद्यालय, पद्मश्री अशोक भगत, परेश गत्तानी, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़, प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक, महानिदेशक, सरला बिड़ला विश्वविद्यालय, मनीषा शर्मा, प्राचार्य, सरला बिड़ला पब्लिक स्कूल और तरुण जैन, अध्यक्ष, परिचित फ़ाउंडेशन शामिल रहें।

अपने संबोधन में राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा, “आत्मनिर्भर भारत की भावना हमारे वैज्ञानिक संस्थानों, उद्योगों और पारंपरिक क्षेत्रों की उपलब्धियों में स्पष्ट दिखाई देती है। स्वर्णिम भारत एक्सपो जैसे आयोजन नवाचार, धरोहर और उद्यमिता को एक मंच पर लाकर नए भारत की आकांक्षाओं को साकार करते हैं।”

एक्सपो के पहले दिन विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों और संगठनों ने अपने योगदान को प्रदर्शित किया। इनमें वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (NHPC), नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO), इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड (IRCON), कॉनकॉर (Container Corporation of India), राष्ट्रीय जूट बोर्ड, विकास आयुक्त (हैंडलूम और हैंडिक्राफ्ट), भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR), भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), जल शक्ति मंत्रालय, एपीडा (APEDA), भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) और परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) शामिल रहे।

प्रदर्शनी में अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, अवसंरचना, हस्तशिल्प और हैंडलूम जैसे क्षेत्रों में भारत की प्रगति और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। यह मंच “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” के आह्वान को साकार करता है।

23 अगस्त 2025 तक चलने वाला यह एक्सपो ज्ञानवर्धक सत्रों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और उद्योग संवादों का केंद्र रहेगा। यह आयोजन भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नवाचार, उद्यमिता और समावेशी विकास का रोडमैप प्रस्तुत करेगा।

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