झारखंड निर्माण क्षेत्र के लिए बड़ी राहत: 35 नए बालू घाटों को मिली हरी झंडी!
झारखंड में निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार! राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण यानी सीया (SEIAA) ने प्रदेश के 10 जिलों में 35 नए बालू घाटों को पर्यावरण स्वीकृति (EC) दे दी है। कुल 192.99 हेक्टेयर में फैले ये नए घाट अब वैध खनन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
किस जिले में कितनी हिस्सेदारी?
विकास के इस नए अध्याय में पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) सबसे आगे है। नीचे देखें जिलों का पूरा लेखा-जोखा:
जिला | क्षेत्र (हेक्टेयर में)
पूर्वी सिंहभूम | 85.40 |
| बोकारो | 30.86 |
| हजारीबाग | 15.26 |
| दुमका | 13.54 |
| रांची | 12.50 |
| जामताड़ा | 9.60 |
| गोड्डा | 9.59 |
| लातेहार | 7.69 |
| खूंटी | 4.54 |
| रामगढ़ | 4.01 |
यह फैसला क्यों जरूरी है? (आम आदमी को क्या फायदा?)
1. मानसून की तैयारी:नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के मानसून प्रतिबंधों से पहले पर्याप्त बालू स्टॉक सुनिश्चित किया जाएगा।
2. कोई काम नहीं रुकेगा:सरकारी प्रोजेक्ट्स से लेकर आपके सपनों के घर तक, बालू की कमी से निर्माण कार्य अब नहीं ठहरेंगे।
3. किफायती दाम: बाजार में उपलब्धता बढ़ने से बालू की कीमतों में स्थिरता आएगी, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
4. पारदर्शिता: इन स्वीकृतियों से खनन प्रक्रिया को व्यवस्थित और वैध बनाकर अवैध खनन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
















