गुमला की 62 पंचायतें हुईं टीबी मुक्त, उपायुक्त ने उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित

निर्मल सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गुमला: जिले के लिए शुक्रवार का दिन उपलब्धि भरा रहा। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से जिले की 62 पंचायतों को आधिकारिक रूप से टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

उपायुक्त ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ 62 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जाना जिले के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य कर्मियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य शत-प्रतिशत पंचायतों को टीबी मुक्त बनाना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और समाज को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने टीबी के प्रमुख लक्षणों की जानकारी देते हुए कहा कि लगातार खांसी, कमजोरी, वजन कम होना और गंभीर स्थिति में खून आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने सभी गांवों और पंचायतों में टीबी की पहचान, जांच और उपचार को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों की समय पर पहचान कर इलाज शुरू किया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल टीबी उन्मूलन तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले को अन्य बीमारियों से भी मुक्त कर स्वस्थ समाज का निर्माण करना है। उन्होंने एनीमिया मुक्त जिला अभियान को भी जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. के.के. मिश्रा ने कहा कि इस वर्ष टीबी उन्मूलन के लिए बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया था। 62 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जाना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इसी संकल्प के साथ जिले की शेष पंचायतों को भी टीबी मुक्त बनाने का प्रयास जारी रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान टीबी उन्मूलन अभियान में बेहतर कार्य करने वाले मीडिया कर्मियों, चिकित्सकों, मुखियाओं, सहियाओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और टीबी टास्क टीम के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा, उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, डॉ. शिशिर कुमार सिंह, डॉ. धनुर्जय सुंब्रई, डॉ. सुनील राम, डॉ. अनुप किशोर, विनय गुप्ता सहित कई पदाधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। सभी ने जिले की शेष पंचायतों को भी टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
















