एनएमएल में 85वां सीएसआईआर स्थापना दिवस समारोह, वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता और औद्योगिक नवाचार पर जोर

जमशेदपुर: सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल) में बुधवार को 85वां सीएसआईआर स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। एनएमएल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनुपम मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी आत्मनिर्भरता और शोध को औद्योगिक उपयोग से जोड़ने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम के साथ हुई। एनएमएल निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सीएसआईआर के 85 वर्ष भारत की वैज्ञानिक क्षमता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय विकास की लंबी यात्रा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि संस्थापक निदेशक डॉ. शांति स्वरूप भटनागर ने विज्ञान को प्रयोगशालाओं तक सीमित रखने के बजाय देश और समाज की जरूरतों से जोड़ने की दिशा दिखाई।

पूर्व निदेशक डॉ. इंद्रनील चट्टोराज ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में स्वदेशी वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी आत्मनिर्भरता की अहम भूमिका है। उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों, उन्नत पदार्थों, टिकाऊ विनिर्माण, रीसाइक्लिंग और औद्योगिक स्तर की तकनीकों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला में विकसित तकनीकों को उद्योगों तक पहुंचाने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों, उद्योगों और नीति निर्माताओं के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

मुख्य अतिथि अनुपम मिश्रा ने स्थापना दिवस व्याख्यान में कार्यस्थल की सुरक्षा, कर्मचारियों के कल्याण, जवाबदेही और वैज्ञानिक उत्कृष्टता को संस्थागत विकास के लिए जरूरी बताया। उन्होंने शोध और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल पर जोर देते हुए कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान का व्यापक लाभ तभी सामने आएगा, जब उसका व्यावहारिक औद्योगिक उपयोग सुनिश्चित हो।

उन्होंने निरंतर सीखने, ज्ञान के आदान-प्रदान, दीर्घकालिक योजना, मजबूत नेतृत्व और नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। साथ ही मानव संसाधन प्रबंधन के संदर्भ में 24-48 और 2-3/20-25 सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि नेतृत्वकर्ताओं को कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे कर्मचारियों की समस्याओं और उनके दीर्घकालिक हितों को समझना चाहिए।

स्थापना दिवस के अवसर पर एनएमएल कर्मचारियों के बच्चों के लिए निबंध, क्विज और चित्रांकन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। मुख्य अतिथि ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। वर्ष 2025 में 12वीं की परीक्षा में कम से कम तीन विज्ञान विषयों में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को छह हजार रुपये का एकमुश्त प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। इनमें सोहम वर्मा, मान्या गुप्ता, तानिया सना रुंडा, आदर्श कुमार उपाध्याय और सिद्धांत दास शामिल रहे। तानिया सना रुंडा ने कंप्यूटर साइंस में 100 प्रतिशत अंक हासिल किए।

क्विज प्रतियोगिता में वतिका साह और अबनींद्र जेना विजेता रहे, जबकि डॉ. ए.के. साहू और नदीम परवेज उपविजेता रहे। निबंध प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गों में आकाश पांडेय, अरिंदम सेन, अनोखी और नव्या श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

समारोह में सीएसआईआर में 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों और 30 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. जे.के. साहू, प्रशासन नियंत्रक जय शंकर शरण, वैज्ञानिक, कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मी और अन्य अतिथि मौजूद रहे। अंत में प्रशासन नियंत्रक जय शंकर शरण ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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