लोगों को खूब पसंद आ रहा दहेजलोभियों पर चोट करता पारंपरिक शादी गीत 'दहेज की आग'.

लोगों को खूब पसंद आ रहा दहेजलोभियों पर चोट करता पारंपरिक शादी गीत ‘दहेज की आग’.

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दहेज एक सामाजिक अभिशाप है, बावजूद इसके 21वीं सदी में दहेज प्रथा के मामले सामने आते हैं और उसमें हिंसा की शिकार महिलाएं होती हैं। समाज की इसी कुरीति को उजागर करते हुए विजय लक्ष्मी म्यूजिक ने एक गाना दहेज की आग रिलीज किया था, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। दरअसल यह एक पारंपरिक शादी गीत ही है, जिसे मशहूर अभिनेता आनंद मोहन ने नीतू श्री के साथ मिलकर गाया है। इस गाने को सुनकर लोग इसकी तरफ खिंचे चले आ रहे हैं। अब तक इस गाने को 3 दिन में 429,200 व्यूज मिल चुके हैं।

आपको बता दें कि विजय लक्ष्मी भोजपुरी ट्यून से रिलीज गाना दहेज की आग को लेकर आनंद मोहन उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि यह गाना एक अच्छे काउज के लिए बना है, इसलिए इसे लोग पसंद कर रहे हैं। हमारे यहां आज भी दहेज़ लोभियों की शिकार बेटियां हो रही है। जो सही नहीं है। इस गाने में ऐसी ही एक दहेज पीड़िता का अपने पिता के साथ संजीदा संवाद है, जो आपके दिल को भी छू लेगा।

वहीं, सिंगर नेहा श्री ने कहा कि यह गाना मेरे लिए बेहद खास था। दहेज की आग गाने को आप खुद सुने और अपने आसपास के लोगों को भी सुनवाये और उन्हें दहेज प्रथा से दूर होने के लिए प्रेरित करें। यही इस गाने की सफलता होगी। क्योंकि दहेज की आग में बेटियां जलती हैं, जिसे हम लक्ष्मी भी कहते हैं। अगर कोई अपनी घर की लक्ष्मी को आग लगा सकता है, तो जिंदगी में उसके घर कभी खुशियां नहीं आ सकती। इस बात को समझने के लिए हमारा यह गाना बेहद खास है।

आपको बता दें कि अमन अलबेला ने इस गाने का लिरिक्स बनाया है और म्यूजिक लार्ड जी का है। कलाकार आनंद मोहन पांडेय, नेहा सिद्दीकी, सारिका, निशा तिवारी और राजनंदनी हैं। डायरेक्टर व डीओपी रंजीत कुमार सिंह हैं।

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