टेरर फंडिंग (TERROR FUNDING)मामला: आधुनिक पावर के एमडी महेश अग्रवाल को कस्टडी में लेकर NIA ने की पूछताछ, कई खुलासे हुए

टेरर फंडिंग (TERROR FUNDING)मामला: आधुनिक पावर के एमडी महेश अग्रवाल को कस्टडी में लेकर NIA ने की पूछताछ, कई खुलासे हुए

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Ranchi: टेरर फंडिंग (TERROR FUNDING)मामले में बीते 18 जनवरी को एनआईए ने आधुनिक पावर के एमडी महेश अग्रवाल को गिरफ्तार किया था. जिसके बाद एनआईए ने महेश अग्रवाल को एक दिन की कस्टडी में लेकर पूछताछ की है. जानकारी के मुताबिक, महेश अग्रवाल ने पूछताछ के दौरान एनआईए के सामने कई अहम खुलासे किए हैं. एनआईए ने महेश अग्रवाल से कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित एनआईए ब्रांच ऑफिस में पूछताछ की है.

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हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद हुई गिरफ्तारी
टेरर फंडिंग मामले में आधुनिक पावर कंपनी के एमडी महेश अग्रवाल और ट्रांसपोटर्स अमित अग्रवाल व विनीत अग्रवाल को बीते 18 जनवरी को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली थी. चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने इनकी ओर से दाखिल याचिकाओं को खारिज कर दिया था. पूर्व में बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. जिसके बाद एनआईए ने महेश अग्रवाल को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले में विनीत अग्रवाल और सोनू अग्रवाल फरार है.
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क्या है पूरा मामला
चतरा जिला के टंडवा थाने में दर्ज प्राथमिकी 22/18 को एनआईए ने टेकओवर करते हुए जांच शुरू की थी. यह मामला सीसीएल, पुलिस, उग्रवादी और शांति समिति के बीच समन्वय को लेकर लेवी वसूली से संबंधित है. एनआईए ने सीसीएल कर्मी सुभान खान सहित 14 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में लिखा था कि टीएसपीसी को लेवी देने के लिए ऊंची दर पर मगध व आम्रपाली कोल परियोजना से कोयला ढुलाई का ठेका लिया गया था. इसमें टीएसपीसी उग्रवादी आक्रमण जी ने अनुशंसा की थी और ट्रांसपोर्टर सुधांशु रंजन उर्फ छोटू सिंह को ठेका मिला था. इसमें मिली राशि का बड़ा हिस्सा टीपीसी को जाता था.
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बिंदू गंझू ने किया था खुलासा
टीपीसी के लिए लेवी की वसूली करने वाले मुख्य सरगना बिंदेश्वर गंझू उर्फ बिंदू गंझू को एनआइए ने रांची से गिरफ्तार किया था. सूत्रों के मुताबिक, उसने ही लेवी देनेवाले ट्रांसपोर्टरों और कंपनियों के नाम का खुलासा किया था. एनआइए को उसने यह भी बताया था कि लेवी के पैसे का हिस्सा पुलिस के आला अफसरों से लेकर नेताओं तक पहुंचाया जाता है. उसकी गिरफ्तारी के बाद हजारीबाग से इनामी उग्रवादी कोहराम और चतरा से मुनेशजी की गिरफ्तारी हुई थी.

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