सरना धर्म कोड की मांग को लेकर आज राज्यव्यापी चक्का जाम.
Team Drishti,
रांची : सरना कोड की मांग को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा आज राज्यव्यापी चक्का जाम किया गया है. हालांकि आवश्यक सेवाएं प्रेस दूध एंबुलेंस स्कूल बस आदि को चक्का जाम से मुक्त रखा गया है.
आज सुबह से ही अलग सरना धर्म कोड की मांग को लेकर आज सुबह से ही राज्यभर में आदिवासी संगठन सड़क पर उतरकर बंदी को सफल बनाने में लगे हुए हैं. हालांकि अभी तक कहीं से भी किसी अप्रिय घटना सामनें नहीं आई है. बंदी को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क है.
बंदी की पूर्व अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के महासचिव सत्यनारायण लकड़ा ने कहा कि सरकार द्वारा मानसून सत्र में सरना धर्म कोड बिल पारित नहीं करना राजनीतिक षड्यंत्र है. सरकार चाहती तो विशेष सत्र बुलाकर सरना धर्म कोड बिल पारित कर सकती है, परंतु सरकार सरना कोड के नाम पर आदिवासियों को ठगने का काम कर रही है. आदिवासी जनता अब जाग चुकी है. 2021 की जनगणना में यदि सरना कोड को लागू नहीं किया जाता तो पूरे देश के आदिवासी राज्य से लेकर केंद्र सरकार की ईट से ईट बजा देंगे. वहीं केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष श्री फूलचंद तिर्की ने कहा था कि जब तक सरना कोड नहीं मिल जाता शहर से लेकर गांव तक आदिवासी अपनी संवैधानिक मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे.














