पाकिस्तान में बाढ़ का कहर: 24 घंटे में 243 की मौत, राहत कार्य में हेलीकॉप्टर क्रैश, 5 की गई जान
पाकिस्तान में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है। पिछले 24 घंटों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 243 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा प्रांत का बुनर जिला रहा, जहां 157 लोगों की जान गई। इस बीच, राहत कार्य के दौरान एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच लोगों की मौत ने स्थिति को और दुखद बना दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बुनर में सबसे ज्यादा नुकसान
खैबर पख्तूनख्वा के बुनर जिले में शुक्रवार को भारी बारिश के बाद बादल फटने की घटना ने कई गांवों और घरों को तबाह कर दिया। स्थानीय प्रशासन ने बुनर में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है। बचाव दल नावों और हेलीकॉप्टरों की मदद से फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। सरकारी बयान के अनुसार, 100 से ज्यादा शवों को अस्पतालों में पहुंचाया गया है। मंसहरा जिले के सिरन घाटी में भी बाढ़ और भूस्खलन के कारण करीब 2,000 पर्यटकों को बचाया गया।
राहत हेलीकॉप्टर क्रैश, 5 की मौत
बाजौर जिले में राहत सामग्री ले जा रहा एक सरकारी एमआई-17 हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में दो पायलटों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और इसे राहत कार्य में लगे कर्मियों का बलिदान बताया। उन्होंने शनिवार को प्रांत में एक दिन के शोक की घोषणा की।
जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाई चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बादल फटने और अचानक बाढ़ की घटनाएं बढ़ रही हैं। विश्व मौसम संगठन की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जून से जुलाई तक पाकिस्तान में बारिश की तीव्रता वैश्विक तापमान वृद्धि के कारण 10-15% अधिक रही। 2022 में भी पाकिस्तान में भीषण मॉनसून ने 1,700 से ज्यादा लोगों की जान ली थी और अरबों डॉलर का नुकसान हुआ था।
राहत और बचाव कार्य तेज
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को प्रभावित परिवारों और पर्यटकों को तुरंत निकालने और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में भी जुलाई से बार-बार बाढ़ और भूस्खलन ने कराकोरम राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया है। आपदा प्रबंधन एजेंसी ने उत्तरी क्षेत्रों में हिमनद झीलों के फटने की चेतावनी जारी की है और यात्रियों को जोखिम वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी है।

















