राज्यसभा में उठा सूर्या हांसदा के हत्या का मामला: आदित्य साहू ने हेमंत सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
नई दिल्ली: झारखंड के गोड्डा में हुए सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले ने राज्यसभा में तूल पकड़ लिया है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने इस मामले को सदन में उठाते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सूर्या हांसदा की हत्या अवैध खनन माफियाओं के इशारे पर की गई और यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
आदित्य साहू ने सदन में कहा कि हेमंत सरकार आदिवासी हितों की रक्षा का ढोंग करती है, लेकिन सूर्या हांसदा जैसे युवा आदिवासी नेता की हत्या करवाकर उसका असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और राजद के नेता सदन में जोर-जोर से चिल्लाते हैं, सदन नहीं चलने देते, लेकिन दूसरी ओर इनके समर्थन वाली झारखंड सरकार में अवैध खनन और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वालों की हत्या की जाती है।”
आदित्य साहू ने सूर्या हांसदा को एक समाजसेवी और जनजातीय समाज का अगुआ बताया। उन्होंने कहा कि सूर्या हांसदा सैकड़ों अनाथ बच्चों को शिक्षा, भोजन और आवास की व्यवस्था करते थे। साथ ही, वह झारखंड में अवैध खनन और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लगातार आवाज उठाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी इसी साहसिक आवाज को दबाने के लिए पुलिस और खनन माफियाओं की मिलीभगत से उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस ने साजिश के तहत सूर्या को गोलियों से छलनी कर दिया।
आदित्य साहू ने झारखंड में अवैध खनन को लेकर भी हेमंत सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में खनन माफियाओं और पुलिस प्रशासन के बीच गहरी साठगांठ है, जिसके कारण अवैध खनन का कारोबार फल-फूल रहा है। साहू ने कहा कि इंडी गठबंधन की सरकार ने पूरे क्षेत्र को कंगाली के कगार पर ला खड़ा किया है। अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वालों को या तो फर्जी मामलों में फंसाया जाता है या उनकी हत्या कर दी जाती है।


















