जमशेदपुर: दो पत्नियों ने छोड़ा साथ, डिप्रेशन और अकेलेपन की शिकार बने अमृत पाल सिंह ने लगाई फांसी

जमशेदपुर: दो पत्नियों ने छोड़ा साथ, डिप्रेशन और अकेलेपन की शिकार बने अमृत पाल सिंह ने लगाई फांसी

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जमशेदपुर: दो पत्नियों ने छोड़ा साथ, डिप्रेशन और अकेलेपन की शिकार बने अमृत पाल सिंह ने लगाई फांसी


जमशेदपुर, 17 अक्टूबर : टाटानगर के मानगो थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। पंजाबी लाइन निवासी 41 वर्षीय अमृत पाल सिंह ने गुरुवार सुबह तनाव और डिप्रेशन के चलते घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।

जमशेदपुर: दो पत्नियों ने छोड़ा साथ, डिप्रेशन और अकेलेपन की शिकार बने अमृत पाल सिंह ने लगाई फांसी

पारिवारिक विघटन और मानसिक तनाव की कहानी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अमृत पाल सिंह ने जीवन में दो शादियां की थीं, लेकिन दोनों ही पत्नियां उनका साथ छोड़ चुकी थीं। इसके बाद वे अपनी मां के साथ रह रहे थे। इस साल फरवरी महीने में उनकी मां का निधन हो गया, जिसके बाद अमृत पाल गहरे डिप्रेशन में चले गए। पड़ोसियों का कहना है कि मां की मौत के बाद वे शराब की लत में डूब गए थे और अक्सर अकेलेपन की शिकायत करते थे।गुरुवार सुबह करीब 10 बजे घर में अकेले होने का फायदा उठाते हुए उन्होंने फांसी का फंदा लगाया। पड़ोसियों ने असामान्य शोर सुनकर दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मानगो थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है और कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जांच जारी है।

जमशेदपुर: दो पत्नियों ने छोड़ा साथ, डिप्रेशन और अकेलेपन की शिकार बने अमृत पाल सिंह ने लगाई फांसी

पुलिस की जांच

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने कहा, “मृतक के रिश्तेदारों से बातचीत की जा रही है। डिप्रेशन और पारिवारिक कलह मुख्य कारण प्रतीत हो रहे हैं।”

 

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