संयुक्त ट्रेड यूनियंस के कंवेशन से प्रस्ताव पारित.

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Team Drishti.

रांची : केंद्र सरकार द्वारा देश की संपदा और आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को बेचने, राष्ट्रीय कृत बैंकों को विखंडित कर उसे अपने चहेतों के हवाले करने, देश की अर्थव्यवस्था की रीढ भारतीय जीवन बीमा निगम को समाप्त करने की साजिश, रक्षा, कोयला, पेट्रोलियम, इस्पात, भारी अभियंत्रण, रेलवे, नेशनल हाइवे, दूरसंचार हवाई अड्डा, बंदरगाह समेत तमाम रणनीतिक उधमो, उधोगों, संस्थानों को देशी विदेशी पूंजीपतियों के हाथों कौड़ी के मोल पर उन्हें सौंपे जाने की राष्ट्र विरोधी कार्रवाई को देश का मजदूर वर्ग बर्दाश्त नहीं करेगा. जिस तरह आजादी के संघर्ष मे 9 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी के आह्वान पर करो या मरो का नारा देशव्यापी अभियान का हिस्सा बन गया था उसी प्रकार देश का मजदूर वर्ग राष्ट्रीय संपदा की लूट के खिलाफ और भारत के आत्मसम्मान और आर्थिक संप्रभुता की रक्षा के लिए कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार है.

आज रांची स्थित सीएमपीडीआईएल मे संपन्न मजदूर कंवेशन में ट्रेड यूनियन के नेताओं ने एक स्वर मे इस बात का एलान करते हुए झारखंड के मजदूर वर्ग समेत सभी देशभक्त शक्तियों का आह्वान किया कि भारतीय जनता के संघर्षपूर्ण विरासत को आगे बढ़ाने की लड़ाई के साथ एकजुटता प्रदर्शित करें और 26 नवंबर की देशव्यापी हड़ताल को पूरे झारखंड मे सफल बनायें. ट्रेड यूनियनों ने यह भी अपील किया है कि सभी जगह शारीरिक दूरी और स्वास्थ्य मंत्रालय के एडवाइजरी का सख्ती से पालन करते हुए संडकों पर उतर कर केंद्र और अधिकांश राज्य सरकारों द्वारा कोरोना महामारी की आड़ मे मजदूर वर्ग के अधिकारों पर किए जा रहे निर्मम हमलों का प्रतिरोध करेंगे और देश की संपत्ति की रक्षा करेंगे.

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